Special Story

तहसीलदार और नायब तहसीलदारों का हुआ तबादला, देखें लिस्ट…

तहसीलदार और नायब तहसीलदारों का हुआ तबादला, देखें लिस्ट…

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

बिलासपुर। जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के उद्देश्य से…

निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुनी गईं लक्ष्मी वर्मा और फूलोदेवी नेताम, विधानसभा पहुंचकर लिया प्रमाण पत्र, समर्थकों ने दी बधाई

निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुनी गईं लक्ष्मी वर्मा और फूलोदेवी नेताम, विधानसभा पहुंचकर लिया प्रमाण पत्र, समर्थकों ने दी बधाई

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ से भाजपा प्रत्याशी लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस प्रत्याशी फूलोदेवी…

अस्पताल परिसर में लगी भीषण आग, आधा दर्जन कंडम एंबुलेंस समेत अन्य वाहन जलकर खाक

अस्पताल परिसर में लगी भीषण आग, आधा दर्जन कंडम एंबुलेंस समेत अन्य वाहन जलकर खाक

Shiv Mar 9, 2026 1 min read

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा स्थित जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में…

बिलासपुर में अवैध हुक्का बार पर पुलिस की दबिश, होटल मैनेजर गिरफ्तार

बिलासपुर में अवैध हुक्का बार पर पुलिस की दबिश, होटल मैनेजर गिरफ्तार

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

बिलासपुर। जिले में अवैध रूप से संचालित हुक्का बार पर…

March 9, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

NIA ने गिरफ्तार किए दो ओवर ग्राउंड नक्सली, विस चुनाव के दौरान हुए आईडी विस्फोट में थी भागीदारी…

गरियाबंद। एनआईए ने दो ओवर ग्राउंड नक्सलियों को गिरफ्तार किया है. आरोपी धनेश ध्रुव उर्फ गुरुजी और रामस्वरूप मरकाम ने विधानसभा चुनावों के दौरान गरियाबंद जिले के बड़े गोबरा गांव में 17 नवंबर 2023 को आईडी विस्फोट को अंजाम देने वाले नक्सलियों का सहयोग किया था. 

नक्सलियों ने यह विस्फोट उस समय किया था, जब मतदान दल, सुरक्षाकर्मियों के साथ मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद बड़े गोबरा गांव से लौट रहा था. घटना में आईटीबीपी का एक हेड कांस्टेबल शहीद हुआ था.

एनआईए की जांच के अनुसार, राज्य में विधानसभा चुनावों के बहिष्कार के आतंकवादी संगठन के आह्वान के बाद सीपीआई (माओवादी) केंद्रीय समिति के सदस्य गणेश उइके और मनोज और विशेष क्षेत्रीय समिति के सदस्य सत्यम गावड़े ने हमले की योजना बनाई थी. बड़े गोबरा और छोटे गोबरा गांवों के ओजीडब्ल्यूएस के समर्थन से सीपीआई (माओवादी) के गोबरा दलम के कैडरों ने विस्फोट किया था.

शुरू में मैनपुर थाने में दर्ज मामला 22 फरवरी 2024 को एनआईए ने अपने हाथ में ले लिया था. एजेंसी ने दिसंबर 2024 में आरसी-05/2024/एनआईए-आरपीआर मामले में 10 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था, जिसमें जांच जारी है.