Special Story

दुर्ग अफीम खेती मामला: सीएम साय बोले– दोषी कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा

दुर्ग अफीम खेती मामला: सीएम साय बोले– दोषी कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

रायपुर। दुर्ग जिले के समोदा गांव में भाजपा नेता विनायक ताम्रकार…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से जापान दूतावास के राजनीतिक मामलों के मंत्री आबे नोरिआकि ने की मुलाकात

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से जापान दूतावास के राजनीतिक मामलों के मंत्री आबे नोरिआकि ने की मुलाकात

Shiv Mar 9, 2026 1 min read

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित…

बालोद और बेमेतरा कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, बढ़ाई गई सुरक्षा व्यवस्था

बालोद और बेमेतरा कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, बढ़ाई गई सुरक्षा व्यवस्था

Shiv Mar 9, 2026 1 min read

बालोद/बेमेतरा। छत्तीसगढ़ के हाईकोर्ट और विभिन्न जिला कोर्टों को लगातार…

March 9, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

टीकाकरण के बाद नवजात की मौत! परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का लगाया आरोप, जिला अस्पताल में मचा बवाल

कवर्धा। तीन दिन के नवजात का अभी नामकरण भी नहीं हुआ था लेकिन सरकारी अस्पताल में टीकाकरण के बाद नवजात की मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया है कि टीकाकरण के कुछ देर बाद नवजात शिशु की अचानक तबीयत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई। घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। यह चौंकाने वाली और दुखद घटना छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले की है।

जानकारी के अनुसार, पंडरिया से प्रसव के लिए लाई गई सोना निर्मलकर नामक महिला ने शनिवार को ऑपरेशन के जरिये एक नवजात को जन्म दिया था। यह दंपत्ति की सात साल बाद पहली संतान थी। नवजात अपनी मां की गोद में पूरी तरह स्वस्थ था और सामान्य रूप से व्यवहार कर रहा था। सोमवार को नवजात को रूटीन टीकाकरण दिया गया और टीका लगने के कुछ देर बाद अचानक मौत हो गई।

परिजनों का आरोप है कि सोमवार को हुए रूटीन टीकाकरण के बाद बच्चे की तबीयत अचानक बिगड़ गई, लेकिन समय पर उपचार न मिलने से उसकी मौत हो गई। उन्होंने जिला अस्पताल प्रबंधन और ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है।

शिशु की मौत के बाद गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

जिला अस्पताल के सीएस केशव ध्रुव से इस मामले में हमारे संवाददाता ने बात करनी चाही लेकिन उनका मोबाइल बंद आ रहा है। खबर लिखे जाने तक उनका फोन बंद ही है।

इस मामले को लेकर अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि घटना की जांच की जा रही है। वहीं परिजन न्याय के लिए कलेक्टर से लेकर स्वास्थ्य मंत्री तक गुहार लगाने की तैयारी में हैं।