Special Story

नाबालिग साली के साथ दुष्कर्म, हाईकोर्ट ने आरोपी जीजा को सुनाई 20 साल की सजा

नाबालिग साली के साथ दुष्कर्म, हाईकोर्ट ने आरोपी जीजा को सुनाई 20 साल की सजा

ShivApr 4, 20252 min read

बिलासपुर।  हाईकोर्ट ने 13 साल की नाबालिग साली के साथ…

वक्फ बिल के संसद में पारित होने पर मुख्यमंत्री साय ने पीएम मोदी का जताया आभार, विपक्ष पर साधा निशाना

वक्फ बिल के संसद में पारित होने पर मुख्यमंत्री साय ने पीएम मोदी का जताया आभार, विपक्ष पर साधा निशाना

ShivApr 4, 20252 min read

रायपुर। वक्फ संशोधन बिल पास होने पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय…

मानवता की सेवा और दानशीलता के लिए हमेशा से आगे रहा है अग्रवाल समाज -मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

मानवता की सेवा और दानशीलता के लिए हमेशा से आगे रहा है अग्रवाल समाज -मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

ShivApr 4, 20252 min read

रायपुर।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर में छत्तीसगढ़ी अग्रवाल…

April 4, 2025

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

मनरेगा की एक छोटी सी मदद से मिली उन्नति की नई राह : कृषक बीरसाय

रायपुर।    महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत् पंजीकृत श्रमिकों को न केवल रोजगार उपलब्ध कराए जा रहे हैं, बल्कि आजीविका के नए-नए साधन एवं सुविधाएं भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मनरेगा से किसान बीरसाय की कृषि भूमि उपजाऊ बनी, जिससे वह सब्जी की खेती कर अपनी आय बढ़ा रहा है।

मनेन्द्रगढ़-भरतपुर-चिरमिरी जिले के ग्राम पंचायत लाई में रहने वाले पंजीकृत श्रमिक श्री बीरसाय के पास जो भूमि थी, वह काफी उबड़-खाबड़ या कहें किसानी के लिए पूरी तरह से अनुपयुक्त थी, उन्होंने ग्राम पंचायत से अपनी भूमि के समतलीकरण का कार्य कराए जाने हेतु आवेदन किया। उनके आवेदन को ग्राम पंचायत में आहूत ग्राम सभा के प्रस्ताव पारित होने के बाद जिला पंचायत कोरिया से स्वीकृत किया गया। कुल 95 हजार रूपए से होने वाले इस भूमि सुधार कार्य के लिए ग्राम पंचायत लाई को एजेंसी का दायित्व दिया गया। यहां श्री बीरसाय ने स्वयं अपने गांव के अन्य श्रमिकों के साथ अपनी असमतल भूमि को कृषि के योग्य बनाया और इसकी मेढ़बंदी कराई। इस कार्य से उन्हें सौ दिवस का रोजगार भी प्राप्त हुआ जिसकी मजदूरी सीधे उनके खातों में पहुंची।

कृषि योग्य भूमि बन जाने के पश्चात् शासन से उन्होंने सब्जी उत्पादन के लिए मिलने वाली टपक सिंचाई योजना के साथ मल्चिंग खेती का लाभ लिया। अपने खेतों में बेहद कम पानी से होने वाली व्यवस्था बनाकर सब्जी की खेती प्रारंभ की। उसके पश्चात् श्री बीरसाय अपनी मेहनत से लगातार हर मौसम में अलग-अलग सब्जी उगाकर लगभग हर माह 10 से 15 हजार रुपए की आमदनी प्राप्त कर रहा है, इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होने लगी है। अपनी सफलता से खुश होकर बीरसाय कहते हैं कि मनरेगा से भूमि सुधार और कृषि विभाग से टपक सिंचाई का लाभ मिलने से अब उनकी रोजगार की समस्या हमेशा के लिए खत्म हो गई है। अब हर सप्ताह सब्जी से अच्छी आय हो जाती है और पैसों की चिंता भी खत्म हो गई है। कुछ खेतों में वह सब्जी का उत्पादन करते हैं और बाकी खेतों में वह परंपरागत धान और गेहूं की फसल लेकर अतिरिक्त कमाई भी करने लगे हैं। भूमि समतलीकरण जैसे छोटे से काम से एक मेहनतकश श्रमिक परिवार की दशा और दिशा बदल गई।