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सरकारी राशन दुकान में सेंधमारी, ताला तोड़कर 26 क्विंटल चावल और इलेक्ट्रॉनिक कांटा ले उड़े चोर

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Shiv Mar 8, 2026 1 min read

कवर्धा। जिले के पिपरिया थाना क्षेत्र के ग्राम बानो में चोरों…

स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव की जयंती पर मुख्यमंत्री साय ने किया श्रद्धापूर्वक नमन

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Shiv Mar 8, 2026 2 min read

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पूर्व लोकसभा सांसद स्वर्गीय…

छत्तीसगढ़ के पूर्व डीजीपी विश्वरंजन का निधन, पटना के मेदांता अस्पताल में ली अंतिम सांस

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Shiv Mar 8, 2026 1 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विश्वरंजन का शनिवार…

अवैध प्लाटिंग पर चला प्रशासन का बुलडोजर, 1 एकड़ जमीन पर हो रहे निर्माण पर लगाई रोक

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Shiv Mar 8, 2026 1 min read

रायपुर। राजधानी रायपुर में अवैध निर्माण और अवैध प्लाटिंग के…

भाजपा नेता के खेत से 8 करोड़ का अफीम जब्त, मक्के के बीच पांच एकड़ से अधिक में उगाई थी फसल

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Shiv Mar 7, 2026 2 min read

दुर्ग। दुर्ग जिले में भाजपा नेता विनायक ताम्रकार के द्वारा किए…

March 8, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

SSIP के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 5 करोड़ स्वीकृत : सीएम साय बोले – छत्तीसगढ़ में नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती, रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ में नवाचार, स्टार्टअप संस्कृति और युवाओं के उद्यमशील विकास को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल की गई है। राज्य शासन के वित्त विभाग द्वारा छात्र स्टार्टअप एवं नवाचार नीति (SSIP) के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 5 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। यह राशि विभागीय बजट में पूर्व से प्रावधानित थी, जिसे चालू वित्तीय वर्ष में व्यय किए जाने की अनुमति दी गई है।

स्वीकृत बजट के अंतर्गत i-Hub छत्तीसगढ़ के सुचारु संचालन हेतु प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (PMU) की व्यवस्था की जाएगी। इसके माध्यम से राज्यभर में स्टार्टअप गतिविधियों की प्रभावी मॉनिटरिंग, रिपोर्टिंग, वित्तीय प्रबंधन तथा विभिन्न शैक्षणिक एवं नवाचार संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही राज्य स्तरीय हैकाथॉन, आइडियाथॉन, इनोवेशन कैंप, स्टार्टअप मीटिंग्स और नवाचार जागरूकता अभियानों का आयोजन किया जाएगा।

नीति के अंतर्गत छात्रों एवं नवप्रवर्तकों के विचारों को अवधारणा से प्रोटोटाइप तक पहुंचाने के लिए कॉन्सेप्ट वैलिडेशन के माध्यम से वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इससे प्रारंभिक परीक्षण, अध्ययन, डिजाइन, तकनीकी सेवाएं तथा विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्राप्त करना संभव होगा। इसके अतिरिक्त, चयनित स्टार्टअप्स को सीड ग्रांट के माध्यम से बाजार सत्यापन, उत्पाद विकास, कानूनी एवं तकनीकी सहयोग तथा प्रारंभिक विपणन के लिए सहायता प्रदान की जाएगी।

छात्र स्टार्टअप एवं नवाचार नीति में बौद्धिक संपदा संरक्षण को भी विशेष प्राथमिकता दी गई है। इसके तहत पेटेंट, कॉपीराइट, डिजाइन एवं ट्रेडमार्क फाइलिंग के लिए तकनीकी, कानूनी एवं वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे नवाचार सुरक्षित रहेंगे और स्टार्टअप्स को प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त प्राप्त होगी।

वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट विजन है कि छत्तीसगढ़ को नवाचार एवं उद्यमिता का सशक्त केंद्र बनाया जाए। छात्र स्टार्टअप एवं नवाचार नीति के लिए 5 करोड़ रुपये की यह स्वीकृति युवाओं के विचारों और क्षमताओं पर सरकार के विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह निवेश छात्रों और नवप्रवर्तकों को अपने नवाचारों को व्यावहारिक उद्यम में परिवर्तित करने का अवसर देगा, जिससे न केवल नए स्टार्टअप्स विकसित होंगे, बल्कि राज्य में रोजगार सृजन को भी नई गति मिलेगी।

छत्तीसगढ़ सरकार युवाओं की प्रतिभा, नवाचार और उद्यमशील सोच को सशक्त करने के लिए निरंतर ठोस कदम उठा रही है। छात्र स्टार्टअप एवं नवाचार नीति (SSIP) के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु 5 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस निवेश से छात्रों और नवप्रवर्तकों को अपने नवाचारों को व्यावहारिक उद्यम में बदलने का अवसर मिलेगा, जिससे छत्तीसगढ़ में नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और रोजगार सृजन को नई गति प्राप्त होगी।

– मुख्यमंत्री विष्णु देव साय