Special Story

अस्पताल परिसर में लगी भीषण आग, आधा दर्जन कंडम एंबुलेंस समेत अन्य वाहन जलकर खाक

अस्पताल परिसर में लगी भीषण आग, आधा दर्जन कंडम एंबुलेंस समेत अन्य वाहन जलकर खाक

Shiv Mar 9, 2026 1 min read

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा स्थित जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में…

बिलासपुर में अवैध हुक्का बार पर पुलिस की दबिश, होटल मैनेजर गिरफ्तार

बिलासपुर में अवैध हुक्का बार पर पुलिस की दबिश, होटल मैनेजर गिरफ्तार

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

बिलासपुर। जिले में अवैध रूप से संचालित हुक्का बार पर…

रायपुर ट्रैफिक पुलिस की सख्त कार्रवाई, 10 दिन में 614 नशेड़ी ड्राइवर पकड़े गए

रायपुर ट्रैफिक पुलिस की सख्त कार्रवाई, 10 दिन में 614 नशेड़ी ड्राइवर पकड़े गए

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

रायपुर। राजधानी रायपुर में सड़क हादसों पर लगाम लगाने और नशे…

March 9, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

हिमाचल में हरित पर्यटन की नई सुबह: 77 ईको-टूरिज्म स्थल होंगे विकसित, 200 करोड़ के राजस्व का लक्ष्य

हिमाचल प्रदेश में पर्यटन को एक नई दिशा देते हुए राज्य सरकार ने महत्वाकांक्षी ईको-टूरिज्म नीति लागू की है। इस नीति का उद्देश्य प्रकृति के संरक्षण के साथ-साथ पर्यटन को बढ़ावा देना है, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को हरित विकास की ओर ले जाया जा सके। इस पहल के तहत राज्य के विभिन्न वन वृत्तों में 77 नए ईको-टूरिज्म स्थलों को विकसित किया जा रहा है, जिनसे अगले पांच वर्षों में 200 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित करने का लक्ष्य रखा गया है।

चरणबद्ध तरीके से होगा स्थलों का विकास

नई नीति के अंतर्गत शिमला, कुल्लू, मंडी, धर्मशाला, चंबा और रिकांगपिओ जैसे प्रमुख क्षेत्रों में 77 स्थलों का चयन किया गया है। विकास के पहले चरण में सात प्रमुख स्थलों के लिए ईको-टूरिज्म ऑपरेटरों का चयन भी कर लिया गया है, जिनमें शिमला में पाटर हिल और शोघी, कुल्लू में सोलंग नाला और पार्वती घाटी में कसोल शामिल हैं। बाकी स्थलों का विकास चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। इन स्थलों पर पर्यटक ट्रैकिंग, बर्ड वॉचिंग, फॉरेस्ट कैंपिंग, नेचर वॉक और होम स्टे जैसी पर्यावरण-अनुकूल गतिविधियों का आनंद ले सकेंगे।

पर्यटकों के लिए खास सुविधाएं और मोबाइल ऐप

पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए एक विशेष मोबाइल ऐप भी तैयार किया जा रहा है। यह ऐप पर्यटकों को स्थलों की जानकारी, बुकिंग और मार्गदर्शन प्रदान करेगा। इसके अलावा, हिमाचल प्रदेश ईको-टूरिज्म सोसाइटी की वेबसाइट के माध्यम से 100 से अधिक फॉरेस्ट रेस्ट हाउस और कैंपिंग साइट्स की ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा पहले से ही उपलब्ध है, जिसे पर्यटकों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है।

स्थानीय युवाओं को रोजगार और प्रशिक्षण

इस नीति का एक प्रमुख उद्देश्य स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना है। इसके तहत स्थानीय युवाओं को नेचर गाइड और मल्टीपर्पज वर्कर के रूप में प्रशिक्षित किया जा रहा है। अब तक 70 से अधिक गाइड और 135 मल्टी-पर्पज वर्कर्स को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इससे न केवल युवाओं को आजीविका मिल रही है, बल्कि वे प्रकृति संरक्षण के प्रति भी जागरूक हो रहे हैं।

अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती

पर्यटन हिमाचल प्रदेश के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GDP) में 7.78 प्रतिशत का योगदान देता है। वर्ष 2024 में प्रदेश में लगभग दो लाख पर्यटक आए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 13.24 प्रतिशत अधिक है। नई ईको-टूरिज्म नीति से न केवल पर्यटकों की संख्या में वृद्धि की उम्मीद है, बल्कि यह राज्य की अर्थव्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 तक प्रदेश के वन क्षेत्र को 30 प्रतिशत तक बढ़ाना भी है, जो इस हरित पहल को और मजबूती देगा।