Special Story

साय कैबिनेट का बड़ा निर्णय, धर्मांतरण रोकने के लिए नया विधेयक मंजूर

साय कैबिनेट का बड़ा निर्णय, धर्मांतरण रोकने के लिए नया विधेयक मंजूर

Shiv Mar 10, 2026 3 min read

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज विधानसभा स्थित…

केंद्रीय बलों के खर्च पर सदन में बहस, गृहमंत्री ने वापसी की टाइमलाइन बताई

केंद्रीय बलों के खर्च पर सदन में बहस, गृहमंत्री ने वापसी की टाइमलाइन बताई

Shiv Mar 10, 2026 2 min read

रायपुर। विधानसभा में मंगलवार को गृह और पंचायत मंत्री विजय शर्मा…

ग्रामीण विकास में सरपंचों की है महत्वपूर्ण भूमिका – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

ग्रामीण विकास में सरपंचों की है महत्वपूर्ण भूमिका – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

Shiv Mar 10, 2026 2 min read

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित…

पूर्व IAS अनिल टुटेजा की जमानत याचिका खारिज, सुप्रीम कोर्ट ने कहा –

पूर्व IAS अनिल टुटेजा की जमानत याचिका खारिज, सुप्रीम कोर्ट ने कहा –

Shiv Mar 10, 2026 3 min read

दिल्ली। जेल में बंद पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा की उस…

March 10, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

कोल लेवी प्रकरण में नई चार्जशीट, शेल फर्मों से 40 करोड़ की लेयरिंग का खुलासा

रायपुर। राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण एवं एंटी करप्शन ब्यूरो, रायपुर द्वारा बहुचर्चित कोयला लेवी प्रकरण की जांच में महत्वपूर्ण प्रगति करते हुए विशेष न्यायालय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) रायपुर के समक्ष आज 1200 पेज का चौथा पूरक चालान पेश किया गया है। चालान में बताया गया है कि सूर्यकांत तिवारी ने पैसे लेने के लिए कई शैल फर्में बनाई थी, जिसके माध्यम से कोयला घोटाले का किंगपिन पैसा वसूलता था।

अवैध कोल लेवी वसूली प्रकरण के मामले में आज जेल में बंद आरोपी-राकेश जैन के विरूद्ध भा.द.वि. की धारा 120बी, 420, 384, 467, 468, 471 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (यथा संशोधित भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018) की धारा 7. 7ए, एवं 12 के अंतर्गत विशेष न्यायालय रायपुर में लगभग 1,200 पेज का अभियोग पत्र मय दस्तावेज प्रस्तुत किया गया।

बता दें कि इससे पहले जुलाई 2024 में 15 आरोपियों सौम्या चौरसिया, रानू साहू, समीर विश्नोई, शिवशंकर नाग, संदीप कुमार नायक, सूर्यकांत तिवारी, निखिल चंद्राकर, लक्ष्मीकांत तिवारी, हेमंत जायसवाल, चंद्रप्रकाश जायसवाल, शेख मोइनुद्दीन कुरैशी, पारेख कुर्रे, राहुल सिंह, रोशन कुमार सिंह एवं वीरेन्द्र जायसवाल के खिलाफ ईओडब्ल्यू के द्वारा अवैध कोल लेवी प्रकरण में प्रथम चालान प्रस्तुत किया गया था, अक्टूबर 2024 में 2 आरोपियों मनीष उपाध्याय और रजनीकांत तिवारी, अक्टूबर 2025 में 2 आरोपियों देवेन्द्र डडसेना और नवनीत तिवारी, और दिसम्बर 2025 में आरोपी-जयचंद कोशले के विरूद्ध पूरक चालान प्रस्तुत किया गया था।

जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि अवैध कोल लेवी कि रकम नगद मे वसूली जाती थी, जिनके पास नगद में रकम देने को नहीं होता था उनके लिए सूर्यकांत तिवारी ने शेल फर्मों की व्यवस्था कराई थी। इसमें उक्त आरोपी ने कोयला लेवी से प्राप्त अवैध धनराशि को वैध स्वरूप देने के उद्देश्य से विभिन्न फर्मों और बैंक खातों का उपयोग किया। आरोपी द्वारा कई शैल फर्मों के माध्यम से बैंकिंग चैनलों के जरिए कम से कम 40 करोड़ों की धनराशि का रूटिंग और लेयरिंग कर उसे नकद में परिवर्तित कर सूर्यकांत तिवारी तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाती थी।

इस प्रक्रिया में फर्जी बिलिंग, विभिन्न व्यावसायिक मदों के नाम पर भुगतान और अनेक खातों में राशि स्थानांतरित कर वास्तविक स्रोत को छिपाने का प्रयास किया गया।

आरोपी के खिलाफ पहले से तीन अपराधिक मामले है दर्ज

पूर्व में आरोपी राकेश जैन के विरूद्ध रायपुर पुलिस में तीन अपराधिक मामले दर्ज है जिनमें एक प्रकरण मे चालान पेश किया जा चुका है और दो प्रकरण विवेचनाधीन है। ब्यूरो के अन्य अपराध लिकर स्कैम में भी उक्त आरोपी ने अनवर ढेबर से संबंधित व्यक्तियों एवं विभिन्न फर्मों को भी अपने अवैध नेटवर्क से बैंक एंट्रीया दी है और अवैध धनराशि कि लेयरिंग में सहयोग किया है। जांच में यह भी पाया गया कि संबंधित कंपनियों से बड़ी मात्रा में धनराशि विभिन्न व्यक्तियों/फर्मों- जिसमें अनवर ढेबर से संबंधित फर्मे और आर.ए. कॉरपोरेशन, स्टार ट्रेडर्स, महावीर एंटरप्राइजेज, श्रुष्टि मिनरल्स, मार्श एंटरप्राइजेज, सोमवत्ती सेल्स और आर्या एंटरप्राइजेज के खातों में स्थानांतरित की गई, जिसके बाद उक्त राशि को चरणबद्ध तरीके से निकालकर अवैध नेटवर्क से सूर्यकांत तिवारी तक पहुंचाया जाता था।

उपलब्ध डिजिटल, दस्तावेज आदि साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धाराएं 120-बी, 420, 384, 467, 468, 471 तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धाराएं 7, 7-ए एवं 12 के अंतर्गत अभियोजन की कार्यवाही की जा रही है। प्रकरण की जांच आगे भी जारी है तथा अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।