Special Story

कोल लेवी प्रकरण में नई चार्जशीट, शेल फर्मों से 40 करोड़ की लेयरिंग का खुलासा

कोल लेवी प्रकरण में नई चार्जशीट, शेल फर्मों से 40 करोड़ की लेयरिंग का खुलासा

Shiv Mar 10, 2026 3 min read

रायपुर। राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण एवं एंटी करप्शन ब्यूरो, रायपुर द्वारा…

साय कैबिनेट का बड़ा निर्णय, धर्मांतरण रोकने के लिए नया विधेयक मंजूर

साय कैबिनेट का बड़ा निर्णय, धर्मांतरण रोकने के लिए नया विधेयक मंजूर

Shiv Mar 10, 2026 3 min read

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज विधानसभा स्थित…

केंद्रीय बलों के खर्च पर सदन में बहस, गृहमंत्री ने वापसी की टाइमलाइन बताई

केंद्रीय बलों के खर्च पर सदन में बहस, गृहमंत्री ने वापसी की टाइमलाइन बताई

Shiv Mar 10, 2026 2 min read

रायपुर। विधानसभा में मंगलवार को गृह और पंचायत मंत्री विजय शर्मा…

March 10, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

प्राकृतिक रूप से तालाब के पानी को स्वच्छ करने का अद्भुत नवाचार है नीर नवजीवन परियोजना : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल।     मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नीर नवजीवन परियोजना में प्राकृतिक रूप से तालाब के पानी को स्वच्छ करने का नवाचार अनुकरणीय है। इससे फाउंटेन, पेड़-पौधों तथा उपयुक्त जीवों के माध्यम से जल स्वतः स्वच्छ होता रहेगा। यह तकनीक किफायती है, वर्तमान परिस्थितियों में इसका प्रभाव और महत्व बहुत अधिक है। वर्तमान जीवन शैली के परिणामस्वरुप जल में आई विकृति का उपचार करने की यह अद्भुत पहल है। जिला प्रशासन व नगर निगम भोपाल के सहयोग से कक्षा 12वीं की छात्रा ईष्ना अग्रवाल द्वारा यह परियोजना आरंभ की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस पहल के लिए बेटी ईष्ना अग्रवाल को बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पांच नंबर के निकट स्थित झील बाल उद्यान में नीर नवजीवन परियोजना के शुभारंभ अवसर पर यह बात कही।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्यान में बरगद का पौधा रोपा और झील में फ्लोटिंग वेटलैंड प्रवाहित किए। स्थानीय सांसद आलोक शर्मा, महापौर मालती राय, विधायक भगवान दास सबनानी तथा जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।

भोपाल के बड़े तालाब की निर्माण तकनीक वर्तमान में भी प्रेरणादायी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल का प्राकृतिक सौन्दर्य ईश्वर की विशेष कृपा है। वर्षा ऋतु में भोपाल की सुंदरता और अधिक बढ़ जाती है। ताल-तलैया, झील एवं एक हजार साल पहले निर्मित बड़े तालाब की अद्भुत छटा होती है। शहर का आकर्षण ऐसा है कि जो एक बार भोपाल आता है, वह यहीं का होकर रह जाता है। भोपाल का बड़ा तालाब बांध निर्माण का सर्वोत्तम उदाहरण है। इसके निर्माण की तकनीक वर्तमान में भी प्रेरणादायी है।

सुश्री ईष्ना ने बताई झील को प्राकृतिक एवं वैज्ञानिक तरीके से संरक्षित रखने की तकनीक

नीर नवजीवन परियोजना की ईष्ना अग्रवाल ने बताया कि झील बाल उद्यान को नवजीवन देने के उद्देश्य से आरंभ की गई परियोजना में झील को प्राकृतिक और वैज्ञानिक तरीके से संरक्षित किया जाएगा। झील में 4 फ्लोटिंग वेटलैंड और 8 पौधों वाले 8 बायोफिल्टर लगाए जा रहे हैं। पानी की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए 2 फ्लोटिंग एरेटर भी लगाए गए हैं। आगामी 3 महीनों में 208 किलोग्राम बायो कल्चर डाला जाएगा। इससे पानी स्वत: शुद्ध होगा। आस-पास का वातावरण स्वच्छ और क्षेत्र का इकोलॉजिकिल संतुलन बना रहेगा। पार्क में आने वालों की संख्या बढ़ेगी और बच्चों को खेलने का सुंदर और स्वच्छ स्थान उपलब्ध हो सकेगा।

पूर्व राज्यसभा सदस्य रघुनंदन शर्मा ने आभार प्रदर्शन करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आरंभ किए गए “एक पेड़ मां के नाम” अभियान में पर्यावरण संरक्षण का यह एक छोटा सा परंतु बहुत प्रभावी प्रयास है। जलीय संरचनाओं के संरक्षण के लिए इस प्रकार की गतिविधियों को विस्तार मिलना चाहिए।