Special Story

भाजपा नेता के खेत से 8 करोड़ का अफीम जब्त, मक्के के बीच पांच एकड़ से अधिक में उगाई थी फसल

भाजपा नेता के खेत से 8 करोड़ का अफीम जब्त, मक्के के बीच पांच एकड़ से अधिक में उगाई थी फसल

Shiv Mar 7, 2026 2 min read

दुर्ग। दुर्ग जिले में भाजपा नेता विनायक ताम्रकार के द्वारा किए…

विद्युत विभाग की कार्रवाई: 81 कनेक्शन काटे, बकायादारों में हड़कंप

विद्युत विभाग की कार्रवाई: 81 कनेक्शन काटे, बकायादारों में हड़कंप

Shiv Mar 7, 2026 2 min read

बिलासपुर। बिजली बिल बकाया रखने वाले उपभोक्ताओं के खिलाफ विद्युत विभाग…

छत्तीसगढ़ की महिलाएं आत्मनिर्भरता और नवाचार से बना रही हैं नई पहचान – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

छत्तीसगढ़ की महिलाएं आत्मनिर्भरता और नवाचार से बना रही हैं नई पहचान – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

Shiv Mar 7, 2026 5 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ की महिलाएं आज आत्मनिर्भरता, मेहनत और नवाचार के…

March 8, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

5 लाख की इनामी नक्सली भूमिका ने धमतरी में किया सरेंडर, जानिए किन बड़ी घटनाओं में थी शामिल…

धमतरी। नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत धमतरी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से सक्रिय 5 लाख रुपए की इनामी महिला नक्सली भूमिका उर्फ गीता उर्फ लता उर्फ सोमारी ने पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। वह नगरी एरिया कमेटी की सदस्य और गोबरा एलओएस कमांडर के रूप में कार्यरत थी। छत्तीसगढ़ ओडिशा सीमावर्ती इलाकों में संगठन की महत्वपूर्ण कड़ी मानी जाती थी। आत्मसमर्पण के बाद शासन की नीति के अनुरूप भूमिका को 50 हजार की प्रोत्साहन राशि दी गई। वहीं पुनर्वास का लाभ भी दिया जाएगा।

मूलतः ग्राम पुसनार, थाना गंगालूर जिला बीजापुर की रहने वाली 37 वर्षीय भूमिका पर शासन ने पांच लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। लंबे समय तक माओवादी संगठन से जुड़े रहने के अनुभवों ने भूमिका को भीतर से तोड़ दिया था। संगठन के भीतर भेदभावपूर्ण व्यवहार, हिंसा पर आधारित विचारधारा और पारिवारिक व दांपत्य जीवन से लगातार वंचित रहना उसके लिए मानसिक बोझ बन चुका था। इन्हीं परिस्थितियों से क्षुब्ध होकर उसने हथियार छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का निर्णय लिया।

2005 से माओवादी संगठन में रही सक्रिय

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार भूमिका वर्ष 2005 से माओवादी संगठन में सक्रिय रही। प्रारंभिक प्रशिक्षण के बाद वह वर्ष 2010 तक प्लाटून-01 में शामिल रही। इसके पश्चात उसे ओडिशा राज्य कमेटी में भेजा गया, जहां विभिन्न इकाइयों में कार्य करते हुए वर्ष 2011 से 2019 तक वह शीर्ष माओवादी नेता सीसीएम संग्राम की सुरक्षा में तैनात रही। वर्ष 2019 से 2023 के बीच उसने सीनापाली एरिया कमेटी में एरिया कमेटी सदस्य के रूप में जिम्मेदारी निभाई, जबकि सितंबर 2023 में उसे गोबरा एलओएस कमांडर बनाया गया।

इन घटनाओं में शामिल थी भूमिका

संगठन में लगातार घटती संख्या के चलते हाल के समय में भूमिका नगरी एवं सीतानदी एरिया कमेटी के साथ संयुक्त रूप से सक्रिय थी। अपने लंबे नक्सली जीवन के दौरान वह कई गंभीर मुठभेड़ों में शामिल रही। वर्ष 2010 में ओडिशा के पड़कीपाली क्षेत्र में हुई मुठभेड़, जिसमें आठ नक्सली मारे गए, से लेकर बीजापुर, गरियाबंद और धमतरी के जंगलों में हुई अनेक घटनाओं में उसका नाम सामने आता रहा। वर्ष 2018 में बीजापुर के तिमेनार जंगल में मुठभेड़, वर्ष 2023 में गरियाबंद के ताराझार जंगल, वर्ष 2024 में धमतरी के एकावरी जंगल और वर्ष 2025 में मांदागिरी जंगल में हुई मुठभेड़ों में भी उसकी संलिप्तता रही। उसके विरुद्ध विभिन्न धाराओं में आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं।