छत्तीसगढ़ में देशव्यापी बैंक हड़ताल का व्यापक असर: UFBU ने बताया पूरी तरह सफल
रायपुर। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर 27 जनवरी 2026 को आयोजित देशव्यापी बैंक हड़ताल छत्तीसगढ़ में लगभग पूरी तरह सफल रही। हड़ताल के चलते सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, पुराने निजी बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों का कामकाज बुरी तरह प्रभावित रहा। UFBU ने इसे पूर्णतः सफल आंदोलन बताया है।
प्रदेश के रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग-भिलाई, जगदलपुर, बीजापुर, अंबिकापुर, कोरबा, रायगढ़, बलौदाबाजार, राजनांदगांव और धमतरी सहित कई जिलों में बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों ने बड़े पैमाने पर प्रदर्शन और रैलियां निकालीं।






राजधानी रायपुर में करीब 500 बैंक कर्मचारी मोतीबाग चौक पर एकत्रित हुए और 5-दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था को तत्काल लागू करने की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की। वहीं दुर्ग-भिलाई में 600 से अधिक बैंक कर्मचारियों ने विशाल रैली निकालकर अपनी मांगों को बुलंद किया।
प्रदर्शनों की खास बात यह रही कि महिला बैंक कर्मचारियों की भागीदारी बड़ी संख्या में देखने को मिली। उन्होंने बैंकिंग सेक्टर में लंबे समय से लंबित 5-दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग में हो रही देरी पर नाराजगी जताई।
UFBU ने बताया कि भारतीय बैंक संघ (IBA) द्वारा दिसंबर 2023 और मार्च 2024 में की गई सिफारिशों और समझौतों के बावजूद सरकार द्वारा 5-दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था को मंजूरी नहीं दी गई। इसके चलते कर्मचारियों को हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा।
इसके अलावा 22 और 23 जनवरी 2026 को मुख्य श्रम आयुक्त की अध्यक्षता में हुई सुलह बैठकों से भी कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकल सका। UFBU ने आम जनता को हुई असुविधा के लिए खेद जताते हुए सहयोग की अपील की और सरकार से 5-दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था को शीघ्र लागू करने की मांग दोहराई।






