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March 9, 2026

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नान घोटाला: पूर्व प्रमुख सचिव आलोक शुक्ला का सरेंडर स्वीकार नहीं, सोमवार को होगी अगली सुनवाई

रायपुर। नान (नागरिक आपूर्ति निगम) घोटाले के बहुचर्चित मामले में एक बड़ा अपडेट सामने आया है। इस मामले में आरोपी पूर्व प्रमुख सचिव और सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी आलोक शुक्ला का सरेंडर अदालत ने फिलहाल स्वीकार नहीं किया है। अदालत में इस प्रकरण पर अगली सुनवाई सोमवार, 22 सितंबर को होगी।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अदालत में कहा कि केस की डायरी दिल्ली में है और फिलहाल उनके पास आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए इस समय आलोक शुक्ला को कस्टडी में लेने में असमर्थता जताई गई। अदालत ने इस पर सहमति जताते हुए 22 सितंबर तक आलोक शुक्ला को किसी भी कस्टडी में न रखने का आदेश दिया।

ईडी ने की थी गिरफ्तारी की तैयारी

आपको बता दें कि नान घोटाले में आलोक शुक्ला और पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा को पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिली थी। हालांकि, हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने दोनों की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट की डबल बेंच – जस्टिस सुंदरेश और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा ने सुनवाई के दौरान कहा कि आरोपितों ने 2015 में दर्ज मामले और ईडी की जांच को प्रभावित करने की कोशिश की थी। अदालत ने आदेश दिया कि दोनों अधिकारियों को पहले दो हफ्ते ईडी की कस्टडी और फिर दो हफ्ते न्यायिक हिरासत में रहना होगा, उसके बाद ही उन्हें नियमित जमानत दी जा सकेगी।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के दूसरे ही दिन, यानी 18 सितंबर को ईडी की टीम ने डॉ. आलोक शुक्ला के भिलाई स्थित तालपुरी कॉलोनी के आवास पर दबिश दी थी। हालांकि, उस समय उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया।

घोटाले में रहा है प्रमुख किरदार

गौरतलब है कि नान घोटाले का खुलासा वर्ष 2015 में हुआ था, जब आलोक शुक्ला खाद्य विभाग के सचिव थे। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने दिसंबर 2018 में उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। इसके बाद 2019 में हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिलने के बाद उन्हें तत्कालीन भूपेश बघेल सरकार में एक बार फिर अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं।

राजनीतिक हलकों में हलचल

इस पूरे मामले ने छत्तीसगढ़ के राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। जहां एक ओर ईडी लगातार कार्रवाई की तैयारी में है, वहीं दूसरी ओर इस मामले को लेकर सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है। अब सबकी निगाहें सोमवार को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जब यह तय होगा कि आलोक शुक्ला को ईडी की कस्टडी में भेजा जाएगा या नहीं।