Special Story

अस्पताल परिसर में लगी भीषण आग, आधा दर्जन कंडम एंबुलेंस समेत अन्य वाहन जलकर खाक

अस्पताल परिसर में लगी भीषण आग, आधा दर्जन कंडम एंबुलेंस समेत अन्य वाहन जलकर खाक

Shiv Mar 9, 2026 1 min read

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा स्थित जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में…

बिलासपुर में अवैध हुक्का बार पर पुलिस की दबिश, होटल मैनेजर गिरफ्तार

बिलासपुर में अवैध हुक्का बार पर पुलिस की दबिश, होटल मैनेजर गिरफ्तार

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

बिलासपुर। जिले में अवैध रूप से संचालित हुक्का बार पर…

रायपुर ट्रैफिक पुलिस की सख्त कार्रवाई, 10 दिन में 614 नशेड़ी ड्राइवर पकड़े गए

रायपुर ट्रैफिक पुलिस की सख्त कार्रवाई, 10 दिन में 614 नशेड़ी ड्राइवर पकड़े गए

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

रायपुर। राजधानी रायपुर में सड़क हादसों पर लगाम लगाने और नशे…

March 9, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने की भीषण गर्मी को देखते हुए स्कूलों में तत्काल ग्रीष्मकालीन अवकाश की मांग, कहा- छोटे बच्चों की सेहत और सुरक्षा सर्वोपरि

रायपुर।    रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने प्रदेशभर में पड़ रही भीषण गर्मी और उससे उत्पन्न संकट को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को पत्र लिखकर प्रदेश के सभी शासकीय एवं अशासकीय स्कूलों में तत्काल ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित करने की अपील की है।

श्री अग्रवाल ने अपने पत्र में लिखा है कि अप्रैल माह में ही प्रदेश का तापमान 43 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया है। सुबह 9-10 बजे से ही लू और चिलचिलाती धूप का ऐसा कहर शुरू हो जाता है कि सड़कों पर चलना मुश्किल हो गया है। तपती सड़कों और गर्म हवाओं ने जहां बुजुर्गों को परेशान कर दिया है, वहीं छोटे-छोटे मासूम बच्चे अभी भी स्कूल जाने को विवश हैं। यह स्थिति अत्यंत चिंताजनक है और उनके स्वास्थ्य एवं जीवन के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।

सांसद श्री अग्रवाल ने कहा कि “बच्चे देश का भविष्य हैं। ऐसे संकट के समय उन्हें राहत देना हमारा नैतिक और सामाजिक कर्तव्य है।” उन्होंने याद दिलाया कि पूर्व में भी जब-जब गर्मी का प्रकोप इस तरह से बढ़ा है, तब समय से पूर्व ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित किया गया है।

श्री अग्रवाल ने मुख्यमंत्री से करबद्ध निवेदन करते हुए कहा कि प्रदेश के सभी प्राथमिक, मिडिल, हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों में तत्काल अवकाश की घोषणा की जाए, ताकि बच्चों को इस प्रचंड गर्मी से राहत मिल सके।

उनका कहना है कि, जब मैं मासूम बच्चों को तपती दोपहर में स्कूल जाते देखता हूं तो मन विचलित हो उठता है। कृपया बच्चों की नन्ही मुस्कान और उनकी सेहत के लिए यह जरूरी निर्णय शीघ्र लिया जाए।”