Special Story

तहसीलदार और नायब तहसीलदारों का हुआ तबादला, देखें लिस्ट…

तहसीलदार और नायब तहसीलदारों का हुआ तबादला, देखें लिस्ट…

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

बिलासपुर। जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के उद्देश्य से…

निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुनी गईं लक्ष्मी वर्मा और फूलोदेवी नेताम, विधानसभा पहुंचकर लिया प्रमाण पत्र, समर्थकों ने दी बधाई

निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुनी गईं लक्ष्मी वर्मा और फूलोदेवी नेताम, विधानसभा पहुंचकर लिया प्रमाण पत्र, समर्थकों ने दी बधाई

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ से भाजपा प्रत्याशी लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस प्रत्याशी फूलोदेवी…

अस्पताल परिसर में लगी भीषण आग, आधा दर्जन कंडम एंबुलेंस समेत अन्य वाहन जलकर खाक

अस्पताल परिसर में लगी भीषण आग, आधा दर्जन कंडम एंबुलेंस समेत अन्य वाहन जलकर खाक

Shiv Mar 9, 2026 1 min read

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा स्थित जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में…

बिलासपुर में अवैध हुक्का बार पर पुलिस की दबिश, होटल मैनेजर गिरफ्तार

बिलासपुर में अवैध हुक्का बार पर पुलिस की दबिश, होटल मैनेजर गिरफ्तार

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

बिलासपुर। जिले में अवैध रूप से संचालित हुक्का बार पर…

March 9, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

कथावाचक प्रदीप मिश्रा के बयान का सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने किया समर्थन

रायपुर।    छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर, सेजबहार में चल रहे शिव महापुराण की कथा में प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने बिना नाम लिए एक धर्म विशेष पर टिप्पणी की, जिस पर अब सियासत भी हो रही है. रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि पंडित मिश्रा ने सनातन को मजबूत करने, नए साल में शिवालयों में जाने की बात कही है.

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा, पं. प्रदीप मिश्रा ने सही बात कही है, इसमें गलत क्या है. आज एक नई पीढ़ी एक अलग दिशा में जा रही है. सनातन नया वर्ष दिवाली नवरात्रि में होता है. नए वर्ष में मदिरा सेवन की परंपरा सनातन की परंपरा नहीं है.

बता दें कि बुधवार की कथा में पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा था कि बच्चों को लाल रंग के कपड़े और सांता क्लॉज की टोपी पहनाकर उन्हें ‘जोकर’ जैसा न बनाए. बच्चों को ऐसे कपड़े पहनाने की बजाय उन्हें भारतीय वीरों की ड्रेस जैसे शिवाजी, महाराणा प्रताप और झांसी की रानी के जैसे कपड़े पहनानी चाहिए।

पंडित मिश्रा ने आगे कहा था कि सनातन धर्म की साख को मजबूत करिए. सनातन धर्म की साख को प्रबल बनाइए और सनातन धर्म को मजबूत करने का प्रयास करिए. अपना धर्म छोड़कर किसी दूसरे धर्म में जाकर जूठन मत खाइए. भले अपनी रूखी-सूखी हो, वो खाइए. अपने घर का खाओ, जैसा भी हो. घर की रोटी के आगे कोई रोटी अच्छी नहीं लगती. तुम कहीं की भी होटल में चले जाओ, कहीं पर भी घूमने चले जाओ, कितने भी एसी के कमरे में ले लो, 15 दिन, 20 दिन, एक महीने में तुम्हें तुम्हारे घर की याद आएगी. कितनी भी तुम मटर पनीर खा लो, पालक पनीर खा लो, चाहे तुम दुनिया भर की सब्जी खा लो, मगर जो भी हो, तुम्हारा अपना खाना सबसे अच्छा होता है.