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दो गांवों में वानरों की हत्या, वन विभाग मौन, बजरंग दल ने 3 दिन का दिया अल्टीमेटम, कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की दी चेतावनी

कवर्धा।  जिले में लगातार वानरों की हत्या की जा रही है और इस मामले में वन विभाग मौन बैठा है। बजरंग दल ने जल्द कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। लोहारा थाना क्षेत्र के ग्राम कोसमंदा में 13 मई 2025 को ग्रामीणों ने सरपंच की मिलीभगत से शिकारियों के साथ मिलकर लगभग 15 वानरों की एयरगन से हत्या कर दी। इस जघन्य कृत्य के कई दिन बीत जाने के बावजूद न ही आरोपियों को वन विभाग ने पकड़ा और न ही किसी प्रकार की जांच या पूछताछ की गई। वहीं ग्राम दरिगवां में भी शिकारियों की मदद से कई वानरों की हत्या की गई है। घटना स्थल से एक वानर मृत अवस्था में मिला, जबकि दो अन्य के शरीर पूरी तरह से सड़ चुके थे।

घटना की जानकारी मिलने पर बजरंग दल की टीम तत्काल दरिगवां पहुंची और मौके पर मौजूद तीन आरोपियों को पकड़वाया, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल था, लेकिन इस गिरफ्तारी के बाद स्थिति और भी गंभीर हो गई। देर रात लगभग 11 बजे 100 से अधिक ग्रामीण लोहारा वन विभाग कार्यालय पहुंच गए, जिससे घबराकर विभाग ने मुचलका कार्रवाई कर आरोपियों को छोड़ दिया। न तो आरोपियों से पूछताछ की गई और न ही कोई बयान लिया गया।

इस लापरवाही से आक्रोशित होकर आज बजरंग दल के साथ लगभग 60 लोग वन विभाग कार्यालय पहुंचे। हालांकि विभाग को पूर्व सूचना देने के बावजूद कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं आए। जिन प्रतिनिधियों को भेजा गया, वे भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।

कार्रवाई नहीं होने पर बजरंग दल ने दी आंदोलन की चेतावनी

अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर वन विभाग पर किसका दबाव है? कौन इस मामले को दबा रहा है? इस मामले में बजरंग दल ने तीन दिन का अल्टीमेटम जारी किया है। यदि जल्द ही उचित कार्रवाई नहीं की गई तो उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। बजरंग दल के पदाधिकारियों का कहना है कि यह केवल वन्यजीवों की नहीं, बल्कि कानून और नैतिकता की भी हत्या है। यदि प्रशासन आंख मूंदे रहा तो जन आक्रोश और तेज होगा।