Special Story

बच्चों से पुताई करवाने वाली प्राचार्या हटाई गई, आरटीई सीटें घटाने पर हाईकोर्ट ने मांगा हलफनामा

बच्चों से पुताई करवाने वाली प्राचार्या हटाई गई, आरटीई सीटें घटाने पर हाईकोर्ट ने मांगा हलफनामा

Shiv Mar 12, 2026 2 min read

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में आरटीआई से जुड़ी जनहित याचिका समेत अन्य…

गैस सिलेंडर की किल्लत पर छत्तीसगढ़ विधानसभा में हंगामा, 35 सदस्य स्वमेव निलंबित

गैस सिलेंडर की किल्लत पर छत्तीसगढ़ विधानसभा में हंगामा, 35 सदस्य स्वमेव निलंबित

Shiv Mar 12, 2026 2 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में गुरुवार को शून्यकाल के दौरान महँगाई और…

कोटवार के पद पर खानदानी हक नहीं, योग्यता और चरित्र ही अहम…

कोटवार के पद पर खानदानी हक नहीं, योग्यता और चरित्र ही अहम…

Shiv Mar 12, 2026 2 min read

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कोटवारों की नियुक्ति को लेकर कहा है…

नक्सलवाद की समाप्ति के बाद बस्तर अब विकास की तेज उड़ान के लिए तैयार : मंत्री रामविचार नेताम

नक्सलवाद की समाप्ति के बाद बस्तर अब विकास की तेज उड़ान के लिए तैयार : मंत्री रामविचार नेताम

Shiv Mar 12, 2026 5 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज कृषि एवं अनुसूचित जनजाति विकास…

पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति : बंद खाते या आधार सीडिंग न होने से अटकी है छात्रवृत्ति तो 15 मार्च तक सुधरवाने का मौका

पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति : बंद खाते या आधार सीडिंग न होने से अटकी है छात्रवृत्ति तो 15 मार्च तक सुधरवाने का मौका

Shiv Mar 12, 2026 2 min read

रायपुर। भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा संचालित…

March 12, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने गिनाईं अपने विभागों की दो वर्षों की उपलब्धियां

रायपुर। महिला एवं बाल विकास व समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने आज नवा रायपुर स्थित संवाद के ऑडिटोरियम में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने पिछले दो वर्षों में विभागों की उपलब्धियों और आगामी कार्ययोजनाओं की जानकारी साझा की।

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि बीते दो वर्षों में महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से कई ऐतिहासिक कार्य किए गए हैं। समाज में महिलाओं के स्वास्थ्य और पोषण स्तर में लगातार सुधार हो रहा है। महिला सशक्तिकरण के तहत महतारी वंदन योजना एक ऐतिहासिक पहल साबित हुई है, जिसके तहत अब तक 14 हजार 307 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान किया जा चुका है। इस योजना से 68 लाख से अधिक महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना के तहत प्रथम संतान के जन्म पर दो किस्तों में 5 हजार रुपये की सहायता राशि दी जा रही है। वहीं दूसरी संतान बालिका होने पर 6 हजार रुपये की सहायता प्रदान की जा रही है।

स्वास्थ्य एवं पोषण के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। नवंबर 2023 में कुपोषण की दर 30.88 प्रतिशत थी, जो नवंबर 2025 में घटकर 24.99 प्रतिशत रह गई है। अंडरवेट बच्चों की संख्या भी 15.50 प्रतिशत से घटकर 13.61 प्रतिशत हो गई है। वर्तमान में 19.64 लाख हितग्राहियों को पूरक पोषण आहार दिया जा रहा है, जिसमें 90 प्रतिशत वितरण FRS प्रणाली के माध्यम से पारदर्शी रूप से हो रहा है।

स्वास्थ्य एवं पोषण के तहत पोषण आहार व्यवस्था में बदलाव हुआ है। नवंबर 2023 में कुपोषण की दर 30.88 प्रतिशत थी, जो नवंबर 2025 में घटकर 24.99 प्रतिशत हो गई है। अंडरवेट श्रेणी में आने वालों की संख्या 15.50 प्रतिशत से घटकर 13.61 प्रतिशत हो गई है। वर्तमान में 19.64 लाख हितग्राहियों को पूरक पोषण आहार दिया जा रहा है। इनमें से 90 प्रतिशत हितग्राहियों को FRS के माध्यम से पारदर्शी वितरण किया जा रहा है।

सुरक्षा एवं सहायता के तहत महिलाओं और बच्चों के लिए सुरक्षित कवच के रूप में सखी वन स्टॉप सेंटर योजना संचालित की जा रही है, जिसके अंतर्गत 33 जिलों में 34 केंद्र संचालित हैं।

महिला हेल्पलाइन के माध्यम से बीते 2 वर्षों में 8 हजार 959 शिकायतों का समाधान किया गया है। बाल संरक्षण सेवाओं के तहत कुल 110 बाल देखरेख संस्थाएं संचालित हैं, जिनमें 32 शासकीय और 78 गैर-शासकीय संस्थाएं शामिल हैं। पास्को पीड़ित बच्चों की सहायता के लिए सपोर्ट पर्सन चिन्हांकित किए गए हैं।

वीर बाल दिवस के अवसर पर बालिका गृह की एक बालिका को राष्ट्रपति द्वारा प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार प्रदान किया गया। बुनियाद और भविष्य कार्यक्रम के तहत 4,750 आंगनबाड़ी केंद्रों को BaLA अवधारणा के अंतर्गत उन्नत किया गया है, जबकि 5,814 मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों को मुख्य आंगनबाड़ी केंद्रों में परिवर्तित किया गया। इसके साथ ही 1,271 कार्यकर्ताओं और 6,384 सहायिकाओं की नियुक्ति की गई है। जियो टैगिंग के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों की वास्तविक लोकेशन की जानकारी मिल रही है और ई-भर्ती ई-आंगनबाड़ी के तहत ऑनलाइन भर्ती प्रक्रिया अपनाई जा रही है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत 15,342 बेटियों का विवाह संपन्न कराया गया, जिसमें प्रति जोड़ी 50 हजार रुपये की सहायता दी गई, जिसमें से 35 हजार रुपये सीधे कन्या के खाते में जमा किए गए। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के जरिए 9 लाख से अधिक किशोर बालिकाओं के परिवारजनों को जागरूक किया गया है। बालोद जिले को बाल विवाह मुक्त घोषित किया गया है और इस वर्ष 189 बाल विवाह रोके गए हैं। सरकार का लक्ष्य 31 मार्च 2029 तक पूरे प्रदेश को पूर्ण रूप से बाल विवाह मुक्त घोषित करना है। वहीं अब तक 27 हजार महिलाओं को सखी केंद्रों के माध्यम से सहायता प्रदान की जा चुकी है।

आगामी प्राथमिकताओं पर बात करते हुए मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया गया कि कुपोषण की दर को कम करने पर विशेष फोकस किया जाएगा। इसके लिए सुपोषित छत्तीसगढ़ को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में बस्तर और सरगुजा संभाग में लागू किया जाएगा, जहां कुपोषण की समस्या सबसे अधिक है।

समाज कल्याण विभाग की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि सामाजिक सहायता कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न पेंशन योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनसे 18,400 लोग लाभान्वित हुए हैं। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना को दोबारा प्रारंभ किया गया है, जिसके तहत अब तक 10,694 तीर्थयात्री लाभान्वित हुए हैं और 14 तीर्थ यात्राएं कराई जा चुकी हैं। दिव्यांगजनों के लिए शैक्षणिक कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, जिनसे शासकीय संस्थाओं के माध्यम से 1,323 छात्र लाभान्वित हुए हैं। UDID के तहत विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र जारी किए गए हैं और दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग भी प्रदान किए जा रहे हैं। इसके साथ ही उभयलिंगी व्यक्तियों के सशक्तिकरण और उनके रोजगार के लिए भी व्यवस्थाएं की गई हैं। वृद्धाश्रमों के माध्यम से विशेष सुविधाएं दी जा रही हैं और सियान गुड़ी के जरिए वृद्धजनों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।