Special Story

अस्पताल परिसर में लगी भीषण आग, आधा दर्जन कंडम एंबुलेंस समेत अन्य वाहन जलकर खाक

अस्पताल परिसर में लगी भीषण आग, आधा दर्जन कंडम एंबुलेंस समेत अन्य वाहन जलकर खाक

Shiv Mar 9, 2026 1 min read

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा स्थित जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में…

बिलासपुर में अवैध हुक्का बार पर पुलिस की दबिश, होटल मैनेजर गिरफ्तार

बिलासपुर में अवैध हुक्का बार पर पुलिस की दबिश, होटल मैनेजर गिरफ्तार

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

बिलासपुर। जिले में अवैध रूप से संचालित हुक्का बार पर…

रायपुर ट्रैफिक पुलिस की सख्त कार्रवाई, 10 दिन में 614 नशेड़ी ड्राइवर पकड़े गए

रायपुर ट्रैफिक पुलिस की सख्त कार्रवाई, 10 दिन में 614 नशेड़ी ड्राइवर पकड़े गए

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

रायपुर। राजधानी रायपुर में सड़क हादसों पर लगाम लगाने और नशे…

March 9, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

शहीद दिवस : देशभर में 2 मिनट का मौन रख शहीदों को दी जाएगी श्रद्धांजलि, सायरन बजाकर दिया जाएगा संकेत

रायपुर। भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर शहीदों की याद में कल यानी 30 जनवरी को ‘शहीद दिवस’ मनाया जाएगा. इस अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन और गृह विभाग ने आदेश जारी कर प्रदेशवासियों से दो मिनट का मौन धारण करने की अपील की है.

सुबह 11 बजे थमेगी रफ्तार

भारत सरकार के गृह मंत्रालय के निर्देशानुसार, देशभर में कल सुबह 11 बजे एक साथ दो मिनट का मौन रखा जाएगा. इस दौरान सभी सरकारी कार्यालयों, सार्वजनिक उपक्रमों और शिक्षण संस्थानों में कामकाज रोककर शहीदों को नमन किया जाएगा.

सायरन बजाकर दिया जाएगा संकेत

मौन धारण करने की प्रक्रिया को व्यवस्थित रूप देने के लिए सायरन बजाने की व्यवस्था की गई है:

पहला सायरन: सुबह 10:59 से 11:00 बजे तक सायरन बजाया जाएगा, जो इस बात का संकेत होगा कि मौन शुरू होने वाला है.

मौन का समय: ठीक 11:00 बजे से 11:02 बजे तक पूरा देश शांत रहकर शहीदों को याद करेगा.

दूसरा सायरन: मौन खत्म होने पर सुबह 11:02 से 11:03 बजे तक दोबारा सायरन बजेगा, जिसके बाद सामान्य कामकाज शुरू किया जा सकेगा.

सरकार की विशेष अपील

राज्य सरकार ने अपील की है कि जैसे ही सायरन सुनाई दे, लोग जहां भी हों, सड़क पर, ऑफिस में या घर पर, वहीं खड़े होकर दो मिनट का मौन धारण करें. इस पहल का उद्देश्य युवा पीढ़ी को स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान से परिचित कराना और उनके प्रति कृतज्ञता प्रकट करना है.

देखें आदेश की कॉपी: