Special Story

IAS निरंजन दास ने सरकारी खजाने में हेराफेरी की, नहीं दे सकते जमानत : हाईकोर्ट

IAS निरंजन दास ने सरकारी खजाने में हेराफेरी की, नहीं दे सकते जमानत : हाईकोर्ट

Shiv Mar 11, 2026 2 min read

बिलासपुर। प्रदेश के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के…

पर्यटन विभाग के बजट में पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 55 प्रतिशत की वृद्धि, तीन नई योजनाओं हेतु कुल 110 करोड़ रूपए का प्रावधान

पर्यटन विभाग के बजट में पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 55 प्रतिशत की वृद्धि, तीन नई योजनाओं हेतु कुल 110 करोड़ रूपए का प्रावधान

Shiv Mar 11, 2026 8 min read

रायपुर।  छत्तीसगढ़ विधानसभा में पर्यटन, संस्कृति, पुरातत्व तथा धार्मिक न्यास…

March 11, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

छत्तीसगढ़ को महिला केन्द्रित विकास का मॉडल बनाने वाली योजना महतारी सदन : मुख्यमंत्री साय

रायपुर।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज धमतरी जिले के मगरलोड विकासखंड के करेली बड़ी गांव से प्रदेश के 51 महतारी सदनों का लोकार्पण किया। नवरात्रि के पावन पर्व के दौरान शुरू की गई महतारी सदन योजना को श्री साय ने प्रदेश की माताओं और बहनों की तरक्की के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि माताओं-बहनों, के लिए गाँवों में ही केंद्र बनाने महतारी सदनों के निर्माण की घोषणा सरकार ने की थी ताकि आप वहां एकत्रित होकर एक बड़ी सुविधापूर्ण जगह में मिल-जुलकर अपना काम कर सकें। आज यह बड़ा काम पूरा हुआ है। इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, लोकसभा सांसद रूप कुमारी चौधरी, पूर्व मंत्री एवं कुरूद के विधायक अजय चन्द्राकर सहित सचिव निहारिका बारिक और जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण जन एवं गणमान्य नौगरिक मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने आस्था महिला संकुल संगठन करेली बड़ी की महिला समूह सदस्यों को महतारी सदन का हस्तांतरण प्रमाण पत्र भी सौंपा। मुख्यमंत्री ने परिसर मौलश्री का पौधा भी रोपा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी सदन योजना छत्तीसगढ़ को महिला-केंद्रित विकास का मॉडल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। महतारी सदन केवल महिलाओं की तरक्की का आधार ही नहीं बनेगा, बल्कि यह पूरे प्रदेश की तरक्की का आधार बनेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह महतारी सदन माताओं-बहनों की शक्ति, सम्मान और आत्मनिर्भरता का नया केंद्र होगा। महतारी सदन शिक्षा, कौशल और उद्यमिता के द्वार खोलेंगे। उन्होंने कहा कि इन सदनों में महिला स्व-सहायता समूहों को जोड़कर आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहन दिया जाएगा। माताएँ-बहनों के लिए महतारी सदन में सिलाई, कढ़ाई, बुनाई, हस्तशिल्प, कृषि-आधारित प्रशिक्षण और डिजिटल साक्षरता जैसे अनेक कार्यक्रम चलाए जाएंगे।