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सरकारी राशन दुकान में सेंधमारी, ताला तोड़कर 26 क्विंटल चावल और इलेक्ट्रॉनिक कांटा ले उड़े चोर

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Shiv Mar 8, 2026 1 min read

कवर्धा। जिले के पिपरिया थाना क्षेत्र के ग्राम बानो में चोरों…

स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव की जयंती पर मुख्यमंत्री साय ने किया श्रद्धापूर्वक नमन

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Shiv Mar 8, 2026 2 min read

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पूर्व लोकसभा सांसद स्वर्गीय…

छत्तीसगढ़ के पूर्व डीजीपी विश्वरंजन का निधन, पटना के मेदांता अस्पताल में ली अंतिम सांस

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Shiv Mar 8, 2026 1 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विश्वरंजन का शनिवार…

अवैध प्लाटिंग पर चला प्रशासन का बुलडोजर, 1 एकड़ जमीन पर हो रहे निर्माण पर लगाई रोक

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Shiv Mar 8, 2026 1 min read

रायपुर। राजधानी रायपुर में अवैध निर्माण और अवैध प्लाटिंग के…

भाजपा नेता के खेत से 8 करोड़ का अफीम जब्त, मक्के के बीच पांच एकड़ से अधिक में उगाई थी फसल

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Shiv Mar 7, 2026 2 min read

दुर्ग। दुर्ग जिले में भाजपा नेता विनायक ताम्रकार के द्वारा किए…

March 8, 2026

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शराब घोटाला: गिरिराज होटल संचालक नितेश और यश पुरोहित गिरफ्तार, 25 सितंबर तक रिमांड

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला प्रकरण में कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है। राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) एवं एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने शुक्रवार को राजधानी रायपुर स्थित गिरिराज होटल के संचालक नितेश पुरोहित और उनके पुत्र यश पुरोहित को गिरफ्तार कर लिया। दोनों को विशेष न्यायालय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) में पेश किया गया, जहां से उन्हें पूछताछ के लिए 25 सितंबर 2025 तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।

मामला अपराध क्रमांक 04/2024 के तहत दर्ज है, जिसमें धारा 7, 12 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) के साथ-साथ आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471 और 120-बी के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। ब्यूरो का कहना है कि आरोपी पिता-पुत्र शराब घोटाले के सिंडिकेट के प्रमुख सदस्य थे। इनके माध्यम से अवैध रूप से अर्जित घोटाले की राशि का संग्रहण, भंडारण और उसे विभिन्न लोकसेवकों एवं निजी व्यक्तियों तक पहुंचाने का काम किया जाता था।

गौरतलब है कि इन दोनों आरोपियों के साथ आबकारी विभाग के तत्कालीन आयुक्त निरंजन दास भी इस प्रकरण में आरोपी हैं, जिन्हें कल ही गिरफ्तार किया गया था। तीनों आरोपी मार्च 2024 से फरार चल रहे थे। हालांकि, सर्वोच्च न्यायालय ने सितम्बर 2024 और दिसम्बर 2024 में क्रमशः “No Coercive Action” का आदेश पारित किया था। इसके बाद आरोपीगण ब्यूरो के नोटिस पर उपस्थित तो हुए, लेकिन जांच में कोई सहयोग नहीं किया।

17 सितम्बर 2025 को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा “No Coercive Action” आदेश की रोक हटाए जाने के बाद, EOW-ACB की टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों होटल संचालकों को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में कई अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

ब्यूरो अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस घोटाले से जुड़े अन्य बड़े नाम भी बेनकाब हो सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, इस प्रकरण में करोड़ों रुपये के वित्तीय लेन-देन की जांच की जा रही है।

इस गिरफ्तारी के बाद से शराब घोटाले की जांच एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है और राजनीतिक गलियारों में भी हलचल बढ़ गई है। माना जा रहा है कि रिमांड अवधि के दौरान कई नए नाम सामने आ सकते हैं, जिससे घोटाले की सच्चाई और स्पष्ट हो जाएगी।