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शराब घोटाला: चैतन्य बघेल की न्यायिक रिमांड बढ़ी, ईडी ने मांगी कस्टोडियल रिमांड, जानिये क्या दिया है हवाला

रायपुर। शराब घोटाले में गिरफ्तार पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की न्यायिक रिमांड की अवधि पूरी होने पर सोमवार को उन्हें रायपुर की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की विशेष अदालत (PMLA कोर्ट) में पेश किया गया। जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें तीसरी बार 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने का आदेश दिया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 1 सितंबर को होगी।

ईडी ने मांगी कस्टोडियल रिमांड

अदालत में पेशी के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने चैतन्य बघेल की 5 दिन की कस्टोडियल रिमांड (ED की हिरासत) की मांग की। ईडी ने अपने आवेदन में कहा कि जांच के दौरान नए तथ्य और साक्ष्य सामने आए हैं, जिन पर आरोपी से पूछताछ करना बेहद जरूरी है।हालांकि, सोमवार को अदालत में कंडोलेंस (श्रद्धांजलि कार्यक्रम) आयोजित होने के कारण ईडी के इस आवेदन पर सुनवाई नहीं हो सकी। अब ईडी की रिमांड याचिका पर सुनवाई 19 अगस्त को की जाएगी।

बहुचर्चित शराब घोटाला

गौरतलब है कि चैतन्य बघेल को प्रवर्तन निदेशालय ने छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाले के मामले में गिरफ्तार किया था। ईडी ने दावा किया है कि इस घोटाले में करोड़ों रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग हुई है। जांच एजेंसी के अनुसार, इस अवैध कारोबार से जुड़ा पैसा राजनीतिक और व्यक्तिगत लाभ के लिए इस्तेमाल किया गया।इस मामले में पहले भी कई कारोबारी, अधिकारी और कथित बिचौलिए गिरफ्तार किए जा चुके हैं। चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी को इस घोटाले की जांच में एक बड़ा कदम माना गया था।

न्यायिक रिमांड का सिलसिला

चैतन्य बघेल को गिरफ्तारी के बाद पहली बार अदालत में पेश किया गया था, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया। इसके बाद दूसरी बार भी रिमांड बढ़ाई गई और अब तीसरी बार अदालत ने 14 दिन की न्यायिक रिमांड का आदेश जारी किया है।इस बीच, ईडी की ओर से लगातार यह दलील दी जा रही है कि जांच में सामने आए तथ्यों की पुष्टि के लिए चैतन्य से सीधे पूछताछ जरूरी है। यही कारण है कि अब एजेंसी ने कस्टोडियल रिमांड की मांग की है।