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कोटवार के पद पर खानदानी हक नहीं, योग्यता और चरित्र ही अहम…

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Shiv Mar 12, 2026 2 min read

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कोटवारों की नियुक्ति को लेकर कहा है…

नक्सलवाद की समाप्ति के बाद बस्तर अब विकास की तेज उड़ान के लिए तैयार : मंत्री रामविचार नेताम

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Shiv Mar 12, 2026 5 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज कृषि एवं अनुसूचित जनजाति विकास…

पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति : बंद खाते या आधार सीडिंग न होने से अटकी है छात्रवृत्ति तो 15 मार्च तक सुधरवाने का मौका

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Shiv Mar 12, 2026 2 min read

रायपुर। भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा संचालित…

समुचित वित्तीय प्रबंधन के लिए हमारी सरकार दृढ़ संकल्पित : वित्त मंत्री ओपी चौधरी

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Shiv Mar 12, 2026 10 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज वित्त मंत्री ओपी चौधरी के…

March 12, 2026

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शराब घोटाला : अनिल टुटेजा ने FIR को दी चुनौती, हाईकोर्ट में दोनों तरफ से हुई बहस, अब जून में होगी अगली सुनवाई

बिलासपुर-  शराब घोटाला मामले में आराेपी पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा ने ईडी की ओर से दर्ज की गई एफआईआर को चुनौती दी है. टुटेजा की ओर से सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट सिध्दार्थ अग्रवाल ने बहस की तो वहीं शासन की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी बुधवार को हाईकोर्ट में पेश हुए. दोनों तरफ से बहस अधूरी रही. अब मामले में अगली सुनवाई गर्मी की छुट्टी के बाद जून में होगी.

बता दें कि अनिल टुटेजा और उनके बेटे यश टुटेजा के खिलाफ 17 जनवरी 2024 को एंटी करप्शन ब्यूरो ने एफआईआर दर्ज की थी, जिसके खिलाफ दोनों ने हाईकोर्ट में क्रिमिनल पिटीशन लगाई है. मामले की पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने सुनवाई के बाद एक अप्रैल को याचिकाकर्ताओं के विरुद्ध कोई भी प्रतिकूल कार्रवाई करने पर आगामी आदेश तक रोक लगाई थी.

इस मामले में जांच पर रोक के लिए डिवीजन बेंच में अपील की गई. मामले में हाईकोर्ट ने स्थगन देने से इनकार करते हुए कहा कि 71 व्यक्तियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 और 12 और भादवि की धारा 420, 467, 468, 471 और 120 बी के तहत अपराध दर्ज हुआ था. एफआईआर अलग-अलग अपराध से संबंधित है, इसलिए शीर्ष न्यायालय द्वारा याचिकाकर्ताओं को दी गई राहत तत्काल मामले में लागू नहीं होगी. सुनवाई की अगली तारीख तक याचिकाकर्ताओं के खिलाफ कोई कठोर कदम नहीं उठाने का निर्देश देते हुए डीबी ने अगली सुनवाई 8 मई को रखी थी.