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केंद्रीय बलों के खर्च पर सदन में बहस, गृहमंत्री ने वापसी की टाइमलाइन बताई

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पूर्व IAS अनिल टुटेजा की जमानत याचिका खारिज, सुप्रीम कोर्ट ने कहा –

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Shiv Mar 10, 2026 3 min read

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उड़ान योजना और हवाई अड्डों के विस्तार पर संसद की बैठक में उठी चर्चा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने रखे सुझाव

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Shiv Mar 10, 2026 2 min read

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प्रदेश में नशे के कारोबार पर सरकार सख्त, अफीम खेती मामले में मंत्री का बयान

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गैस सिलेंडर हादसे में मुआवजा देना होगा: IOC और SBI इंश्योरेंस की अपील खारिज

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March 10, 2026

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जो कहेंगे सच कहेंगे

साय सरकार के दूसरे बजट की सीमा तय, विभाग अपने प्रस्ताव में 8 फीसदी से ज्यादा वृद्धि नहीं कर पाएंगे

रायपुर।    छत्तीसगढ़ के वित्त विभाग ने साय सरकार के दूसरे बजट (2025-26) के लिए सीमा रेखा निर्धारित कर दी है. वित्त सचिव ने सभी विभागों को निर्देश दिया है कि वे चालू वर्ष के बजट से केवल 8% की वृद्धि करते हुए नए प्रावधान भेजें. विभागों की ओर भेजे जाने वाले संबंधित प्रस्तावों के अनुसार अंदाजा लगाया जा सकता है कि आगामी बजट 1.59 लाख करोड़ रुपये का हो सकता है.

उप सचिव वित्त रामेश्वर शर्मा ने सभी अतिरिक्त मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों और सचिवों को नए प्रस्तावों के संबंध में पत्र भेजा है. पत्र में स्पष्ट किया गया है कि अपरीक्षित नवीन व्यय के रूप में प्रस्ताव यथासंभव बजट में शामिल नहीं किए जाएंगे.

प्रस्तावों के साथ विभागों को योजना का स्वरूप, उद्देश्य का उल्लेख करना होगा. योजनाओं की वित्त पोषण व्यवस्था यथा-भारत सरकार, वित्तीय संस्थाए, विदेशी सहायता, राज्य शासन आदि के संबंध में टीप देनी होगी. जिसमें केंद्र/ एजेंसी का अंश और राज्यांश के अनुपात का स्पष्ट उल्लेख करना होगा. केंद्र प्रवर्तित, केंद्र क्षेत्रीय, विशेष/अतिरिक्त केंद्रीय सहायता योजनाओं का नाम एवं प्रकार केंद्र शासन के स्वीकृति आदेश के अनुरूप ही उल्लेख करना होगा. विशेष रूप से बाह्य सहायता प्राप्त योजनाओं, जिनमें केंद्र प्रायोजित, निगम सहायित और अन्य विदेशी सहायता प्राप्त योजनाएं सम्मिलित हैं, जिनमें अनुदान और ऋण के रूप में प्राप्त राशि को पृथक-पृथक भी बताना होगा. इससे राज्य पर पड़ने वाले ऋण भार का सही आंकलन किया जा सकेगा. केंद्र प्रवर्तित पीएमजीएसवाई, मनरेगा, पीएम आवास आदि में 2024-25 के आधार पर ही केन्द्रांश एवं आनुपातिक राज्यांश का प्रावधान प्रस्तावित किया जाए.

वित्त विभाग की ओर से यह भी कहा गया है कि राज्य शासन द्वारा लगाए गए विभिन्न उपकरों की आय से निर्मित विकास एवं कल्याण निधियों जैसे ग्रामीण विकास निधि, शाला विकास निधि, ऊर्जा विकास निधि, केंद्रीय सड़क निधि आदि से अंतरित राशि व्यय के लिए विभिन्न विभागों के बजट में योजनाओं की निधि में अंतरित की जाने वाली राशि भी कृपया स्पष्ट: दर्शाया जाए. कार्यालय व्यय के अंतर्गत अन्य आकस्मिक व्यय में प्रावधान न्यूनतम और उसके उद्देश्य का कृपया स्पष्ट उल्लेख करें अन्यथा वर्ष 2025-2026 के बजट में यह प्रावधान शून्य कर दिया जाएगा.

बजट में राजस्व व्यय तथा पूंजीगत व्यय का सही वर्गीकरण दर्शाया जाए. वित्त निर्देश 13 मई, 2011 द्वारा नई सेवा/सेवा के नए साधन की वित्तीय सीमा के व्यय के नवीन मदों/सेवाओं की परिभाषा, वित्तीय सीमा को ध्यान में रखते हुए समस्त नवीन व्यय के प्रस्तावों को पूर्ण औचित्य सहित पृथक से नस्ती में वित्त विभाग की सहमति के लिए प्रस्तुत किया जाए. नवीन व्यय के मद को बजट प्रस्ताव में पृथक से भेजा जाए. वर्ष 2024-2025 के पुनरीक्षित अनुमान के आकलन के लिए विगत 12 माह का वास्तविक व्यय आवश्यक है. पिछले दो वर्ष के पुनरीक्षित अनुमान के आधार पर ही वर्ष 2025-2026 का बजट अधिकतम 08 प्रतिशत वृद्धि करते हुए तैयार किया जाए. राजस्व प्राप्ति और पूंजीगत व्यय के प्रावधानों में चालू वर्ष के अनुमान तथा पुनरीक्षित अनुमानों के बीच तथा पुनरीक्षित अनुमान तथा आगामी वर्ष के अनुमान के बीच उल्लेखनीय अंतर को संक्षेप में स्पष्ट करते हुए टीप दी जाए.

वेतन भत्तों के अंतर्गत त्यौहार अग्रिम एवं चिकित्सा अग्रिम के अनुमानों का प्रस्ताव निवल के आधार पर सम्मिलित किया जाए. वर्ष 2024-25 के पुनरीक्षित अनुमान में मद 003 महंगाई भत्ते में 001-वेतन के अन्तर्गत प्रावधानित राशि का 50 प्रतिशत 01-वेतन के अन्तर्गत तथा वर्ष 2025 के लिए -58 प्रतिशत अनुमानित प्रावधान बजट अनुमान 2026 में रखा जाए.