Special Story

प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर प्रदायगी हेतु विशेषज्ञ चिकित्सक व चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति

प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर प्रदायगी हेतु विशेषज्ञ चिकित्सक व चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति

ShivApr 3, 20252 min read

रायपुर।   मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर राज्य में स्वास्थ्य…

70 बच्चों की तबीयत बिगड़ी, छिपकली गिरी मध्याह्न भोजन बच्चों को परोसा, अस्पताल में चल रहा ईलाज

70 बच्चों की तबीयत बिगड़ी, छिपकली गिरी मध्याह्न भोजन बच्चों को परोसा, अस्पताल में चल रहा ईलाज

ShivApr 3, 20251 min read

बलरामपुर। सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को दिए जाने वाले…

फार्महाउस में रेड, अवैध शराब तस्करी के बड़े रैकेट का हुआ पर्दाफाश

फार्महाउस में रेड, अवैध शराब तस्करी के बड़े रैकेट का हुआ पर्दाफाश

ShivApr 3, 20253 min read

डोंगरगढ़।  डोंगरगढ़ में लाखों रुपए की अवैध शराब की खेप…

गुमराह करने वाले विज्ञापनों पर कड़ी निगरानी रखी जाए: बृजमोहन अग्रवाल

गुमराह करने वाले विज्ञापनों पर कड़ी निगरानी रखी जाए: बृजमोहन अग्रवाल

ShivApr 3, 20252 min read

नई दिल्ली/ रायपुर।    रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता…

April 3, 2025

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

कस्टम मिलिंग में लेवी वसूली मामला : हाईकोर्ट ने खारिज की आराेपी रोशन चंद्राकर की जमानत याचिका

बिलासपुर।  कस्टम मिलिंग में लेवी वसूली के आरोपी राइस मिल एसोसिएशन के पूर्व कोषाध्यक्ष रोशन चंद्राकर की जमानत याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है. साथ ही कोर्ट ने जेल प्रशासन को उपचार सुविधा उपलब्ध कराने का आदेश दिया है. बता दें कि रोशन ने मेडिकल आधार पर नियमित जमानत याचिका लगाई गई थी.

ईडी ने कस्टम मिलिंग में लेवी वसूली व मनी लॉड्रिंग के मामले में प्रदेश के राइस मिलरों से पूछताछ की. इसमें राइस मिलर एसोसिएशन के पूर्व कोषाध्यक्ष द्वारा प्रति क्विंटल के हिसाब से लेवी वसूली करने की बात सामने आई. ईडी ने विवेचना के बाद 14 अक्टूबर 2023 को रोशन चंद्राकर सहित अन्य के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया.

ईडी के पास अवैध वसूली का ठोस साक्ष्य

इस मामले में ईडी ने रोशन चंद्राकर को 15 मई 2024 को पूछताछ के बाद हिरासत में लेकर जेल दाखिल किया है. जेल में बंद रोशन चंद्राकर ने मेडिकल आधार पर नियमित जमानत दिए जाने आवेदन किया था. आवेदन पर जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की अदालत में सुनवाई हुई. न्यायालय ने सभी पक्षों को सुनने के बाद अपने आदेश में कहा कि अवैध वसूली करने एक मजबूत सिंडीकेट बनाया गया था. इस संबंध में जांच एजेंसी के पास ठोस साक्ष्य है.