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सरकारी राशन दुकान में सेंधमारी, ताला तोड़कर 26 क्विंटल चावल और इलेक्ट्रॉनिक कांटा ले उड़े चोर

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Shiv Mar 8, 2026 1 min read

कवर्धा। जिले के पिपरिया थाना क्षेत्र के ग्राम बानो में चोरों…

स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव की जयंती पर मुख्यमंत्री साय ने किया श्रद्धापूर्वक नमन

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Shiv Mar 8, 2026 2 min read

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छत्तीसगढ़ के पूर्व डीजीपी विश्वरंजन का निधन, पटना के मेदांता अस्पताल में ली अंतिम सांस

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Shiv Mar 8, 2026 1 min read

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अवैध प्लाटिंग पर चला प्रशासन का बुलडोजर, 1 एकड़ जमीन पर हो रहे निर्माण पर लगाई रोक

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Shiv Mar 8, 2026 1 min read

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भाजपा नेता के खेत से 8 करोड़ का अफीम जब्त, मक्के के बीच पांच एकड़ से अधिक में उगाई थी फसल

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Shiv Mar 7, 2026 2 min read

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March 8, 2026

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बढ़ते बिजली के बिल को लेकर नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने सरकार को घेरा, कहा-

रायपुर। छत्तीसगढ़ में बिजली बिल बढ़ोतरी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विधानसभा में नेताप्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने मुख्यमंत्री और राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार ने तीसरी बार बिजली बिल बढ़ाकर आम जनता पर भारी बोझ डाल दिया है।

महंत ने कहा कि हाल ही में 20 पैसे प्रति यूनिट बढ़ोतरी की गई और सरकार ने इसे मामूली बताया, लेकिन अब इसके गंभीर दुष्परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि ‘बिजली बिल हाफ’ योजना पहले ही बंद कर दी गई है और अब उपभोक्ताओं को हर महीने औसतन 1,000 रुपये ज्यादा बिल चुकाना पड़ रहा है।

महंत ने सवाल उठाया कि सरकार का मकसद आखिर क्या है। उन्होंने कहा, “अभी पौने दो साल ही हुए हैं, और लगातार बिजली दरें बढ़ाई जा रही हैं। कोयला हमारा है, हमारे खेत-खलिहान खोदे जा रहे हैं, फिर भी छत्तीसगढ़ के लोगों को महंगी बिजली क्यों दी जा रही है?”

नेताप्रतिपक्ष ने यह भी कहा कि अगर अधिकारी इस निर्णय के पीछे का कारण समझाने में असफल हो रहे हैं तो मुख्यमंत्री को स्वयं जनता को जवाब देना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की कि बिजली बिल की बढ़ोतरी को तुरंत वापस लिया जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।

राज्य में बिजली बिलों को लेकर उपभोक्ताओं में नाराजगी देखी जा रही है। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि उनके मासिक बजट पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। किसान संगठनों ने भी बिजली दरों में वृद्धि का विरोध करते हुए कहा है कि इससे सिंचाई लागत बढ़ जाएगी और उत्पादन प्रभावित होगा।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिजली बिल बढ़ोतरी का मुद्दा आने वाले चुनावों में बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकता है। विपक्ष इस मुद्दे को लेकर प्रदेशभर में आंदोलन की तैयारी कर रहा है।