Special Story

तहसीलदार और नायब तहसीलदारों का हुआ तबादला, देखें लिस्ट…

तहसीलदार और नायब तहसीलदारों का हुआ तबादला, देखें लिस्ट…

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

बिलासपुर। जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के उद्देश्य से…

निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुनी गईं लक्ष्मी वर्मा और फूलोदेवी नेताम, विधानसभा पहुंचकर लिया प्रमाण पत्र, समर्थकों ने दी बधाई

निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुनी गईं लक्ष्मी वर्मा और फूलोदेवी नेताम, विधानसभा पहुंचकर लिया प्रमाण पत्र, समर्थकों ने दी बधाई

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ से भाजपा प्रत्याशी लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस प्रत्याशी फूलोदेवी…

अस्पताल परिसर में लगी भीषण आग, आधा दर्जन कंडम एंबुलेंस समेत अन्य वाहन जलकर खाक

अस्पताल परिसर में लगी भीषण आग, आधा दर्जन कंडम एंबुलेंस समेत अन्य वाहन जलकर खाक

Shiv Mar 9, 2026 1 min read

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा स्थित जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में…

बिलासपुर में अवैध हुक्का बार पर पुलिस की दबिश, होटल मैनेजर गिरफ्तार

बिलासपुर में अवैध हुक्का बार पर पुलिस की दबिश, होटल मैनेजर गिरफ्तार

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

बिलासपुर। जिले में अवैध रूप से संचालित हुक्का बार पर…

March 9, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत का तंज, कहा- फेल हुई डबल इंजन सरकार, धान नीलामी से छत्तीसगढ़ को होगा 7 हजार करोड़ का नुकसान

रायपुर। राज्य सरकार द्वारा आज से की जा रही धान नीलामी पर तंज कसते हुए नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने कहा कि प्रदेश में डबल इंजन सरकार फेल हुई है. उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा केन्द्रीय पूल में छत्तीसगढ़ के पूरे धान का चावल नहीं लिए जाने के कारण नीलामी के जरिए सरकार 35 लाख मीट्रिक टन धान का विक्रय कर रही है. इससे लगभग 7 हजार करोड़ रुपए की क्षति होने की आशंका है. 

नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन की योजना भारत सरकार की योजना है, और राज्य सरकार के द्वारा केन्द्र की ऐजेंसी के रूप में धान उपार्जन का कार्य किया जाता है. इसलिए केन्द्र सरकार को चाहिए सम्पूर्ण सरप्लस धान का चावल केन्द्रीय पूल में ले.

उन्होंने कहा कि पंजाब में इसी सीजन में कुल 172 लाख मीट्रिक टन धान का उपार्जन हुआ है, और इस सम्पूर्ण धान का चावल केन्द्रीय पूल में लिया जा रहा है. पंजाब में तो भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन सरकार भी नहीं है, जबकि छत्तीसगढ़ में डबल इंजन सरकार होने के बाद भी हमारा पूरा सरप्लस चावल केन्द्रीय पूल में नहीं लिया जाना और 7 हजार करोड़ रुपए की क्षति का अनावश्यक आर्थिक भार राज्य के खजाने पर डालना अत्यधिक दुर्भाग्यपूर्ण है.