Special Story

अवैध प्लाटिंग पर चला प्रशासन का बुलडोजर, 1 एकड़ जमीन पर हो रहे निर्माण पर लगाई रोक

अवैध प्लाटिंग पर चला प्रशासन का बुलडोजर, 1 एकड़ जमीन पर हो रहे निर्माण पर लगाई रोक

Shiv Mar 8, 2026 1 min read

रायपुर। राजधानी रायपुर में अवैध निर्माण और अवैध प्लाटिंग के…

भाजपा नेता के खेत से 8 करोड़ का अफीम जब्त, मक्के के बीच पांच एकड़ से अधिक में उगाई थी फसल

भाजपा नेता के खेत से 8 करोड़ का अफीम जब्त, मक्के के बीच पांच एकड़ से अधिक में उगाई थी फसल

Shiv Mar 7, 2026 2 min read

दुर्ग। दुर्ग जिले में भाजपा नेता विनायक ताम्रकार के द्वारा किए…

विद्युत विभाग की कार्रवाई: 81 कनेक्शन काटे, बकायादारों में हड़कंप

विद्युत विभाग की कार्रवाई: 81 कनेक्शन काटे, बकायादारों में हड़कंप

Shiv Mar 7, 2026 2 min read

बिलासपुर। बिजली बिल बकाया रखने वाले उपभोक्ताओं के खिलाफ विद्युत विभाग…

March 8, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

ले-आउट उल्लंघन मामला : रेरा ने वॉलफोर्ट एलेन्सिया परियोजना के प्रमोटर पर ठोका 10 लाख का जुर्माना

रायपुर। छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (रेरा) ने रायपुर स्थित “वॉलफोर्ट एलेन्सिया” परियोजना के प्रमोटर के विरुद्ध कड़ा कदम उठाते हुए छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2016 के अंतर्गत 10 लाख रुपये का आर्थिक दंड अधिरोपित किया है।

प्रकरण की सुनवाई के दौरान यह पाया गया कि परियोजना में विकास कार्य नगर तथा ग्राम निवेश विभाग (टाउन एंड कंट्री प्लानिंग– T&CP) द्वारा स्वीकृत ले-आउट के अनुरूप नहीं किया गया। स्वीकृत ले-आउट से हटकर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) का निर्माण किया गया, जो रेरा अधिनियम की धारा 14(1) का स्पष्ट उल्लंघन है। उक्त धारा के अनुसार, किसी भी रियल एस्टेट परियोजना का विकास सक्षम प्राधिकरणों द्वारा अनुमोदित रेखांकन, ले-आउट एवं विनिर्देशों के अनुसार ही किया जाना अनिवार्य है।

प्राधिकरण ने यह भी संज्ञान में लिया कि वर्तमान में उक्त STP का उपयोग परियोजना के आबंटितियों द्वारा किया जा रहा है। आबंटितियों के हितों और सार्वजनिक उपयोग को प्रभावित न करने के उद्देश्य से इस स्तर पर STP को ध्वस्त करने अथवा पुनर्निर्माण संबंधी कोई निर्देश जारी नहीं किया गया है।

हालांकि, स्वीकृत ले-आउट से किए गए इस विचलन को गंभीर उल्लंघन मानते हुए प्राधिकरण ने प्रमोटर को उत्तरदायी ठहराया है और रेरा अधिनियम की धारा 14(1) के उल्लंघन पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।

छत्तीसगढ़ रेरा ने पुनः स्पष्ट किया है कि स्वीकृत ले-आउट अथवा योजनाओं से बिना सक्षम प्राधिकरण की पूर्व स्वीकृति के किया गया कोई भी परिवर्तन गंभीर उल्लंघन की श्रेणी में आता है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।