Special Story

प्रदेश में नशे के कारोबार पर सरकार सख्त, अफीम खेती मामले में मंत्री का बयान

प्रदेश में नशे के कारोबार पर सरकार सख्त, अफीम खेती मामले में मंत्री का बयान

Shiv Mar 10, 2026 1 min read

रायपुर। दुर्ग जिले में अफीम की अवैध खेती का मामला…

गैस सिलेंडर हादसे में मुआवजा देना होगा: IOC और SBI इंश्योरेंस की अपील खारिज

गैस सिलेंडर हादसे में मुआवजा देना होगा: IOC और SBI इंश्योरेंस की अपील खारिज

Shiv Mar 10, 2026 2 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने गैस सिलेंडर ब्लास्ट…

दुर्ग के बाद अब बलरामपुर में अफीम खेती का मामला सामने आया

दुर्ग के बाद अब बलरामपुर में अफीम खेती का मामला सामने आया

Shiv Mar 10, 2026 1 min read

बलरामपुर। छत्तीसगढ़ में अवैध अफीम की खेती के मामले लगातार सामने…

रायपुर स्मार्ट सिटी के काम की होगी जांच, ध्यानाकर्षण के दौरान मंत्री अरुण साव ने की घोषणा…

रायपुर स्मार्ट सिटी के काम की होगी जांच, ध्यानाकर्षण के दौरान मंत्री अरुण साव ने की घोषणा…

Shiv Mar 10, 2026 2 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मंगलवार को ध्यानाकर्षण…

छत्तीसगढ़ सरकार अलर्ट, नागरिकों की मदद के लिए नोडल अधिकारी किया नियुक्त, हेल्पलाइन नंबर भी जारी…

छत्तीसगढ़ सरकार अलर्ट, नागरिकों की मदद के लिए नोडल अधिकारी किया नियुक्त, हेल्पलाइन नंबर भी जारी…

Shiv Mar 10, 2026 1 min read

रायपुर। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच युद्ध के कारण मिडिल-ईस्ट…

March 10, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को पूरी तरह से कवर नहीं करता कानून, अभी भी है गेप- जस्टिस गौतम भादुड़ी

बलौदाबाजार। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में जितना अधिक डाटा फीड करेंगे, उतनी ही जानकारी आएगी. अब तक जो भी कानून बने हैं, जो कुछ हद तक इसे छूते हैं, लेकिन अभी पूरी तरह से कवर नहीं करते हैं. अभी भी इसमें गेप है. यह बात बलौदा बाजार जिला अधिवक्ता संघ द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड लॉ पर आयोजित सेमिनार में मुख्य अतिथि हाई कोर्ट के जस्टिस गौतम भादुड़ी ने कही.

जस्टिस गौतम भादुड़ी ने सेमिनार के दौरान मोबाइल के उपयोग और दुरुपयोग – दोनों की जानकारी देते हुए बताया कि उनके पास एक फर्जी काल आया, जिसमें सामने वाले शख्स अपने को सीबीआई टीम का सदस्य बताते हुए बेटे की जांच में फंसने की बात कही पर पढ़े-लिखे होने और इस तरह की काल से लगातार जागरूकता से बच गए, लेकिन यह ग्रामीणों के लिए घातक है, सतर्क होने की आवश्यकता है.

कार्यक्रम में मौजूद जस्टिस रजनी दुबे ने कहा कि यह ऐसा विषय है जो समाज पर प्रभाव डाल रहा है. आज हर व्यक्ति के हाथ में मोबाइल है, और वह हर बात उसमें डालता है, जो चोरी हो जाता है. हमसे ज्यादा, हमारे बारे में जानकारी कोई और रखता है, जिससे इसका दुरुपयोग हो रहा है. न्याय के सिद्धांत पर यह पूर्णतः खरा नहीं उतरता है. हमें घटना की स्थिति-परिस्थिति को देखकर व्यावहारिक चीजों को ध्यान में रखकर काम करना होता है, और न्याय करना होता है.

जस्टिस राकेश मोहन पांडेय ने कहा कि जस्टिस सिस्टम में यह फेल होगा, क्योंकि इसमें वह भावनाएं नहीं होती. मानवीय संवेदनाओं की कमी होती है. यह मेडिकल सपोर्ट में बहुत अच्छा है, पर न्याय के मामले में सही नहीं है. इससे जानकारी ली जा सकती है, पर इसके अनुसार निर्णय नहीं लिया जा सकता है. सेमिनार में वक्ता के रूप में हाइकोर्ट के अधिवक्ता गीतिका साहू, देवाशीष तिवारी, दिनेश तिवारी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड लॉ के रूल्स, लाइबिलिटी और रेगुलेशन पर बातें रखीं.

इसके पहले जस्टिस भादुड़ी के बलौदाबाजार पहुंचने पर गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. अधिवक्ता संघ के जिलाध्यक्ष शारीक खान सहित जिला अधिवक्ता संघ के पदाधिकारियों ने आए हुए अतिथियों का स्वागत किया.