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जो कहेंगे सच कहेंगे

केदार जैन व मनीष मिश्रा बने टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, शिक्षक हितों की आवाज़ अब राष्ट्रीय मंच पर, प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि

रायपुर। छत्तीसगढ़ के शिक्षकों के लिए गर्व और सम्मान की खबर सामने आई है। राज्य के दो वरिष्ठ शिक्षक नेता — छत्तीसगढ़ प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ के प्रांताध्यक्ष केदार जैन और छत्तीसगढ़ समग्र शिक्षक फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष मनीष मिश्रा — को टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया (Teacher Federation of India) का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चुना गया है। यह नियुक्ति न केवल दोनों नेताओं के संघर्षशील नेतृत्व की पहचान है, बल्कि छत्तीसगढ़ के शिक्षक समुदाय के लिए राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व का सुनहरा अवसर भी लेकर आई है। छत्तीसगढ़ के शिक्षक नेता केदार जैन और मनीष मिश्रादोनों लंबे समय से शिक्षक हितों के मुद्दों पर संघर्ष कर रहे हैं। यह उपलब्धि प्रदेश के शिक्षकों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व का अवसर देगी, जिससे TET अनिवार्यता, क्रमोन्नत वेतनमान और सेवा शर्तों जैसे मुद्दों पर रणनीतिक समाधान संभव हो सकेगा।

शिक्षक हितों के मजबूत पैरोकार

केदार जैन और मनीष मिश्रा लंबे समय से शिक्षक हितों के मुद्दों पर सक्रिय रहे हैं। चाहे शिक्षकों की क्रमोन्नति वेतनमान की मांग हो, संविलियन के बाद सेवा शर्तों की समानता का प्रश्न हो या फिर वेतन विसंगति का मामला — दोनों नेताओं ने निरंतर आवाज़ उठाई है। उनकी सक्रियता और संगठनात्मक क्षमता को देखते हुए उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।

राष्ट्रीय मंच पर पहुंचेगा छत्तीसगढ़ का शिक्षक समुदाय

छत्तीसगढ़ में लंबे समय से शिक्षक संगठन राज्य सरकार से कई मुद्दों पर संघर्ष कर रहे हैं। टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया जैसी राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त संस्था से अब जुड़ने के बाद प्रदेश के शिक्षकों को अपनी बात राष्ट्रीय स्तर पर रखने का अवसर मिलेगा। विशेषकर सुप्रीम कोर्ट के TET अनिवार्यता संबंधी आदेश और क्रमोन्नत वेतनमान जैसे मुद्दों पर अब राष्ट्रीय रणनीति के माध्यम से शिक्षकों को राहत दिलाने के प्रयास किए जा सकेंगे।

मनीष मिश्रा ने कहा कि यह पद सम्मान से अधिक जिम्मेदारी का प्रतीक है। आने वाले समय में हम प्रदेश के सभी संवर्ग के शिक्षकों की समस्याओं को राष्ट्रीय फोरम तक पहुंचाने का कार्य करेंगे। वहीं केदार जैन ने कहा कि यह अवसर छत्तीसगढ़ के शिक्षकों के संघर्ष और एकजुटता की जीत है।

संगठनों में खुशी की लहर

इस उपलब्धि के बाद पूरे प्रदेश में शिक्षकों के बीच उत्साह का माहौल है। संयुक्त शिक्षक संघ और समग्र शिक्षक फेडरेशन से जुड़े सैकड़ों पदाधिकारियों और सदस्यों ने दोनों नेताओं को बधाई दी है।बधाई देने वालों में ममता खालसा, माया सिंह, ओमप्रकाश बघेल, अर्जुन रत्नाकर, गिरिजाशंकर शुक्ला, नरोत्तम चौधरी, रूपानंद पटेल, ताराचंद जयसवाल, सुभाष शर्मा, विजय रॉय, सोहन यादव, शहादत अली, हरीश सिन्हा, अमित दुबे, कमलेश गावड़े, यशवंत देवांगन, बसंत जायसवाल, गोपेश साहू, स्नेहलता पाठक, संतोष तांडे, सचिन त्रिपाठी, प्रदीप साहू, राजकमल पटेल, शैलेंद्र तिवारी, विजय धृतलहरे, अमित महोबे, नित्यानंद यादव, विकास सिंह, मोहन लहरी, नंदलाल देवांगन, नीलेश रामटेके, संजय महाडिक, लक्ष्मी कांत जडेजा, चोखे लाल पटेल, पूरण सिंह देहारी, केडी वैष्णव, श्यामाचरण डड़सेना, अशोक गोटे, मोह. तबरेज खान सहित बड़ी संख्या में शिक्षक नेता शामिल हैं।

शिक्षक एकता को मिलेगा नया बल

विशेषज्ञों का मानना है कि इस उपलब्धि से छत्तीसगढ़ के शिक्षकों की एकता और प्रभाव राष्ट्रीय स्तर पर और सशक्त होगा। अब राज्य के मुद्दे — जैसे संविलियन के बाद सेवा लाभों की समानता, पदोन्नति की प्रक्रिया, और वेतनमान का निर्धारण — टीएफआई के माध्यम से केंद्र और अन्य राज्यों के मंचों तक पहुंच सकेंगे।