Special Story

कोटवार के पद पर खानदानी हक नहीं, योग्यता और चरित्र ही अहम…

कोटवार के पद पर खानदानी हक नहीं, योग्यता और चरित्र ही अहम…

Shiv Mar 12, 2026 2 min read

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कोटवारों की नियुक्ति को लेकर कहा है…

नक्सलवाद की समाप्ति के बाद बस्तर अब विकास की तेज उड़ान के लिए तैयार : मंत्री रामविचार नेताम

नक्सलवाद की समाप्ति के बाद बस्तर अब विकास की तेज उड़ान के लिए तैयार : मंत्री रामविचार नेताम

Shiv Mar 12, 2026 5 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज कृषि एवं अनुसूचित जनजाति विकास…

पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति : बंद खाते या आधार सीडिंग न होने से अटकी है छात्रवृत्ति तो 15 मार्च तक सुधरवाने का मौका

पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति : बंद खाते या आधार सीडिंग न होने से अटकी है छात्रवृत्ति तो 15 मार्च तक सुधरवाने का मौका

Shiv Mar 12, 2026 2 min read

रायपुर। भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा संचालित…

समुचित वित्तीय प्रबंधन के लिए हमारी सरकार दृढ़ संकल्पित : वित्त मंत्री ओपी चौधरी

समुचित वित्तीय प्रबंधन के लिए हमारी सरकार दृढ़ संकल्पित : वित्त मंत्री ओपी चौधरी

Shiv Mar 12, 2026 10 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज वित्त मंत्री ओपी चौधरी के…

March 12, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

कर्ज नहीं पटा पाने से आत्महत्या करने वाले किसान का उठा मुद्दा, सत्तापक्ष के जवाब से विपक्ष नाराज, सदन का किया वॉकआउट

रायपुर- छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र के छठे दिन की कार्यवाही जारी है. विधानसभा में कर्ज नहीं पटा पाने से आत्महत्या करने वाले नारायणपुर के किसान हीरू का मामला उठा. कांग्रेस विधायक लखेश्वर बघेल ने ध्यानाकर्षण के जरिये सदन में ये मामला उठाया. इस दौरान पक्ष और विपक्ष में जमकर तीखी बहस हुई. वहीं सत्तापक्ष के जवाब से नाराज विपक्ष ने सदन से वॉकआउट किया.

सदन में सोमवार को ध्यानाकर्षण के जरिये किसान के आत्महत्या का मामला उठाते हुए कांग्रेस विधायक लखेश्वर बघेल ने कहा कि किसान हीरू ने 1 लाख 82 हजार रुपये का कर्ज बैंक से लिया था. चुनाव में दो लाख रुपये तक का कर्ज माफ करने का वादा किया गया था. नई सरकार के वादे से मुकरने की वजह से किसान से आत्महत्या की है.

इसपर सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि किसान हीरू ने कर्ज पटा पाने की वजह से आत्महत्या नहीं की. किसान ने किसी भी बैंक से कर्ज नहीं लिया था. किसी भी बैंक से हीरू को नोटिस नहीं दिया गया था. किसान की मौत ज़हर की वजह से हुई थी.

कांग्रेस विधायक लखेश्वर बघेल ने कहा कि किसान की सास 70 वर्षीय है. पट्टा सास के नाम पर था इसलिए रिकॉर्ड में कर्ज सास के नाम पर था. हीरू घर का मुखिया था. घर चलाने की जिम्मेदारी हीरू पर थी. भाजपा नेताओं ने चुनाव के वक्त कर्जमाफ़ी की बात कही थी. क्या सरकार मृतक किसान का कर्ज माफ करेगी.

सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने कहा ने कहा कि 2014-15 की बोनस की राशि परिवार को दिया गया है. मृतक किसान ने कर्ज की वजह से आत्महत्या नहीं की थी. आपसी झगड़े की वजह से मृतक ने जहर खाया था.

वहीं लखेश्वर बघेल ने कहा, हम गांव वालों से मिलकर आये हैं. गांव के लोगों ने बयान दिया है. क्या ग्रामीण झूठ बोल रहे हैं? मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि मृतक ने 12 तारीख़ को जहर खाया था. हमारी सरकार बने महज सात दिन ही हुए थे. इस दौरान सत्तापक्ष के जवाब से नाराज विपक्ष ने वॉकआउट किया.