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IPS जितेंद्र शुक्ला NSG में बनेंगे ग्रुप कमांडर, केंद्र ने रिलीव करने छत्तीसगढ़ सरकार को भेजा पत्र

रायपुर। छत्तीसगढ़ कैडर के 2013 बैच के आईपीएस अधिकारी जितेंद्र शुक्ला केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जायेंगे। केंद्र सरकार ने IPS शुक्ला को अहम जिम्मेदारी सौंपी है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) में ग्रुप कमांडर के पद पर नियुक्त किया है। ग्रुप कमांडर का पद पुलिस अधीक्षक (SP) स्तर के समकक्ष माना जाता है। इस संबंध में केंद्र सरकार की ओर से छत्तीसगढ़ सरकार को आधिकारिक पत्र भेजा गया है।

NSG में ग्रुप कमांडर की जिम्मेदारी संभालेंगे

केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा भेजे गए पत्र में स्पष्ट किया गया है कि आईपीएस जितेंद्र शुक्ला (CH:2013) को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के सामान्य नियमों और शर्तों के तहत NSG में ग्रुप कमांडर (SP स्तर) के पद पर नियुक्त करने की स्वीकृति प्रदान की गई है। पत्र में राज्य सरकार से अनुरोध किया गया है कि उन्हें तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त किया जाए, ताकि वे केंद्र में अपनी नई जिम्मेदारी संभाल सकें। यह पत्र भारत सरकार के अवर सचिव संजीव कुमार की ओर से छत्तीसगढ़ शासन को भेजा गया है।

IPS जितेंद्र शुक्ला 2013 बैच के अफसर

जितेंद्र शुक्ला मूल रूप से उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद, जिसे अब प्रयागराज के नाम से जाना जाता है, के निवासी हैं। प्रशासनिक और पुलिस महकमे में उनकी पहचान एक सख्त, ईमानदार और रीढ़ की हड्डी वाले अधिकारी के रूप में रही है। उनके बारे में प्रचलित है कि वे न तो अड़ियल हैं और न ही अनावश्यक टकराव में विश्वास रखते हैं, लेकिन गैर-वाजिब दबाव या गलत आदेशों के आगे झुकना भी उनके स्वभाव में नहीं है।

चर्चाओं में रहे हैं IPS शुक्ला

अपने सेवा काल के दौरान आईपीएस जितेंद्र शुक्ला कई संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण पदों पर तैनात रहे हैं। भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल में कवासी लखमा से जुड़े मामलों और बाद में राजनांदगांव में उनका कार्यकाल भी काफी चर्चाओं में रहा। इन घटनाओं के चलते उनका नाम अक्सर सुर्खियों में रहा, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अपने कार्यशैली से समझौता नहीं किया। विधानसभा चुनाव के दौरान उन्हें कोरबा भेजा गया।

साय सरकार के कार्यकाल में जब वे दुर्ग जिले के पुलिस अधीक्षक के रूप में पदस्थ थे, उस दौरान कानून-व्यवस्था को लेकर उनकी सख्त कार्यवाहियों ने भी खासा ध्यान खींचा। उत्पात मचाने वाले तत्वों के खिलाफ कड़े कदम उठाने के चलते मौजूदा सरकार के कुछ हलकों में नाराजगी की खबरें भी सामने आई थीं। बावजूद इसके, जितेंद्र शुक्ला ने हमेशा कानून के दायरे में रहते हुए निष्पक्ष कार्रवाई को प्राथमिकता दी।

आईपीएस जितेंद्र शुक्ला को छत्तीसगढ़ में सबसे लंबे समय तक बटालियन कमांडेंट रहने वाले अधिकारियों में भी गिना जाता है। अर्धसैनिक और पुलिस बल के संचालन में उनका अनुभव, अनुशासन और रणनीतिक समझ अब NSG जैसी विशिष्ट और संवेदनशील इकाई में देश की सुरक्षा के लिए काम आएगी।