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स्कूल शिक्षा विभाग को 22,466 करोड़, 150 उत्कृष्ट विद्यालय और 5000 भर्ती की घोषणा

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Shiv Mar 13, 2026 5 min read

रायपुर।  छत्तीसगढ़ सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए स्कूल शिक्षा…

पड़ोस नीति और क्षेत्रीय सुरक्षा पर लोकसभा में बृजमोहन अग्रवाल के सवाल, सरकार ने रखी रणनीति

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Shiv Mar 13, 2026 3 min read

नई दिल्ली/रायपुर। रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा बृजमोहन अग्रवाल ने…

सहकारिता से आर्थिक सशक्तिकरण को मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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Shiv Mar 13, 2026 2 min read

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के कटोरा…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 14 मार्च को बिलासपुर से करेंगे “गौधाम योजना” का शुभारंभ

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Shiv Mar 13, 2026 3 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य में निराश्रित और घुमंतू गौवंश…

March 13, 2026

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पीसीपीएनडीटी और एआरटी एक्ट के सख्त पालन के निर्देश, लिंगानुपात सुधार पर जोर

रायपुर। प्रदेश में लिंगानुपात में सुधार और प्रजनन संबंधी सेवाओं के बेहतर क्रियान्वयन को लेकर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की अध्यक्षता में राज्य पर्यवेक्षक मंडल की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पीसीपीएनडीटी एक्ट 1994 एवं एआरटी-सरोगेसी एक्ट 2021 के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की गई।

बैठक में विधायक लता उसेंडी (कोंडागांव), रायमुनी भगत और  गोमती साय सहित स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव अमित कटारिया, आयुक्त शिक्षा रितेश अग्रवाल और अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान संचालक महामारी नियंत्रण डॉ. सुरेन्द्र पामभोई ने दोनों अधिनियमों के प्रावधानों की जानकारी देते हुए प्रदेश में इनके क्रियान्वयन की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया। स्वास्थ्य मंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश में पीसीपीएनडीटी और एआरटी एक्ट का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि लिंग चयन जैसी अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।

बैठक में लिंगानुपात की स्थिति सुधारने के लिए कई अहम निर्णय लिए गए। मंत्री श्री जायसवाल ने निर्देश दिए कि प्रदेश में सर्वाधिक और न्यूनतम सेक्स रेशियो वाले तीन-तीन जिलों का विस्तृत अध्ययन कराया जाए, ताकि असमानता के कारणों का पता लगाकर सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने प्रदेश में सोनोग्राफी सेवाओं की कमी को देखते हुए एमबीबीएस चिकित्सकों के लिए छह माह के प्रशिक्षण कार्यक्रम में अधिक से अधिक प्रतिभागियों को शामिल करने के निर्देश भी दिए, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों में भी यह सुविधा उपलब्ध हो सके। बैठक में यह भी तय किया गया कि प्रदेश में संचालित आईवीएफ और सरोगेसी केंद्रों की नियमित निगरानी और निरीक्षण के लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी, ताकि संबंधित हितग्राहियों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।

स्वास्थ्य मंत्री ने बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश में गरीब और आमजन को बेहतर प्रजनन स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। इसी क्रम में पं. जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, रायपुर में शीघ्र ही आईवीएफ सुविधा प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया है, जिससे जरूरतमंद दंपत्तियों को निःशुल्क लाभ मिल सकेगा।