Special Story

कोटवार के पद पर खानदानी हक नहीं, योग्यता और चरित्र ही अहम…

कोटवार के पद पर खानदानी हक नहीं, योग्यता और चरित्र ही अहम…

Shiv Mar 12, 2026 2 min read

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कोटवारों की नियुक्ति को लेकर कहा है…

नक्सलवाद की समाप्ति के बाद बस्तर अब विकास की तेज उड़ान के लिए तैयार : मंत्री रामविचार नेताम

नक्सलवाद की समाप्ति के बाद बस्तर अब विकास की तेज उड़ान के लिए तैयार : मंत्री रामविचार नेताम

Shiv Mar 12, 2026 5 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज कृषि एवं अनुसूचित जनजाति विकास…

पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति : बंद खाते या आधार सीडिंग न होने से अटकी है छात्रवृत्ति तो 15 मार्च तक सुधरवाने का मौका

पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति : बंद खाते या आधार सीडिंग न होने से अटकी है छात्रवृत्ति तो 15 मार्च तक सुधरवाने का मौका

Shiv Mar 12, 2026 2 min read

रायपुर। भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा संचालित…

समुचित वित्तीय प्रबंधन के लिए हमारी सरकार दृढ़ संकल्पित : वित्त मंत्री ओपी चौधरी

समुचित वित्तीय प्रबंधन के लिए हमारी सरकार दृढ़ संकल्पित : वित्त मंत्री ओपी चौधरी

Shiv Mar 12, 2026 10 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज वित्त मंत्री ओपी चौधरी के…

March 12, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

गरियाबंद पुलिस का अभिनव पहल: ‘कॉप ऑफ द मंथ’ के तहत हर महीने उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को मिलेगा प्रशस्ति पत्र

गरियाबंद। जिला पुलिस विभाग ने पुलिस कर्मियों के उत्साहवर्धन के लिए एक नई पहल की शुरुआत की है। ‘कॉप ऑफ द मंथ’ के तहत हर माह विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय और उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस कर्मियों को प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य पुलिस कर्मचारियों के उत्कृष्ट कार्यों को मान्यता देना है, जिससे उनके मनोबल में वृद्धि हो सके।

बता दें कि अक्टूबर माह में इस पुरस्कार के लिए उप निरीक्षक जयप्रकाश नेताम, सहायक उप निरीक्षक मनीष वर्मा और आरक्षक गंगाधर सिन्हा का चयन किया गया है। इन पुलिस कर्मियों ने थाना पांडुका एवं गरियाबंद क्षेत्र में बैंक और एटीएम में चोरी करने वाले तीन आरोपियों को पकड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इसी क्रम में, उप निरीक्षक दिलीप मेश्राम और प्रधान आरक्षक चूड़ामणि देवता ने थाना मैनपुर में हत्या के प्रकरण में आरोपी को गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इसके अलावा, आरक्षक दिलीप निषाद और आरक्षक हरीश शांडिल्य ने गुम नाबालिक बच्चे को केवल दो घंटे के भीतर सकुशल उसके परिवार को सौंपने में विशेष भूमिका निभाई।

गौरतलब है कि इन साहसी पुलिस कर्मियों को गरियाबंद के पुलिस अधीक्षक निखिल आलोक राखेचा द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस पहल से पुलिस विभाग की छवि को और मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है और समाज में पुलिस की सकारात्मक भूमिका को उजागर किया जा रहा है।