Special Story

तहसीलदारों को पदोन्नति का मौका: डिप्टी कलेक्टर भर्ती में फिर लागू हुआ 50/50 फॉर्मूला

तहसीलदारों को पदोन्नति का मौका: डिप्टी कलेक्टर भर्ती में फिर लागू हुआ 50/50 फॉर्मूला

Shiv Mar 10, 2026 2 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के सत्र के दौरान प्रशासनिक पदों पर भर्ती और…

16 लाख से अधिक किसानों ने किया 2 लाख 16 हजार हेक्टेयर रकबा समर्पण, विधानसभा में मंत्री बघेल ने दी जानकारी

16 लाख से अधिक किसानों ने किया 2 लाख 16 हजार हेक्टेयर रकबा समर्पण, विधानसभा में मंत्री बघेल ने दी जानकारी

Shiv Mar 10, 2026 2 min read

रायपुर। विधानसभा के बजट सत्र में आज खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री…

March 10, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

लैब टेक्नीशियन की लापरवाही से गई मासूम की जान: टाइम का अभाव बताकर नहीं की खून की जांच, समय पर इलाज नहीं मिलने से हुई मौत

बिलासपुर। बिलासपुर के बेलगहना क्षेत्र के करही कछार गांव में मलेरिया से पीड़ित एक 9 वर्षीय बच्चे की इलाज के अभाव में मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में लैब टेक्नीशियन ने समय न होने का बहाना बनाकर बच्चे का खून जांचने से इनकार कर दिया, जिससे समय पर इलाज नहीं हो सका और बच्चे की मौत हो गई।

जानकारी के मुताबिक, मृतक बच्चे के माता-पिता कमलेश और दुर्गा बसोर अपने बेटे विकास की तबीयत बिगड़ने पर उसे अस्पताल लेकर गए थे, जहां डॉक्टर ने खून जांच कराने का निर्देश दिया था। लेकिन अस्पताल के टेक्नीशियन ने अभी टाइम नहीं है बोलकर खून जांच करने से मना कर दिया, जिसके बाद बच्चे के परिजन उसे घर वापस ले गए। देर रात बच्चे की हालत और बिगड़ गई, जिससे उसकी मौत हो गई।

इस घटना से आक्रोशित परिजनों ने पूर्व जनपद अध्यक्ष संदीप शुक्ला के साथ मिलकर अस्पताल के बाहर बच्चे के शव के साथ प्रदर्शन किया। परिजनों और शुक्ला ने जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, जिसमें तत्काल डॉक्टर की नियुक्ति और लैब टेक्नीशियन पालेश्वर ध्रुव का स्थानांतरण शामिल था। काफी हो-हंगामे के बाद अधिकारियों ने ग्रामीणों की मांगों को मान लिया, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ। पूर्व जनपद अध्यक्ष संदीप शुक्ला ने अधिकारियों से इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।