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केंद्रीय बलों के खर्च पर सदन में बहस, गृहमंत्री ने वापसी की टाइमलाइन बताई

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Shiv Mar 10, 2026 2 min read

रायपुर। विधानसभा में मंगलवार को गृह और पंचायत मंत्री विजय शर्मा…

ग्रामीण विकास में सरपंचों की है महत्वपूर्ण भूमिका – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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Shiv Mar 10, 2026 2 min read

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित…

पूर्व IAS अनिल टुटेजा की जमानत याचिका खारिज, सुप्रीम कोर्ट ने कहा –

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Shiv Mar 10, 2026 3 min read

दिल्ली। जेल में बंद पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा की उस…

उड़ान योजना और हवाई अड्डों के विस्तार पर संसद की बैठक में उठी चर्चा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने रखे सुझाव

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Shiv Mar 10, 2026 2 min read

नई दिल्ली/रायपुर।  रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद बृजमोहन अग्रवाल मंगलवार…

प्रदेश में नशे के कारोबार पर सरकार सख्त, अफीम खेती मामले में मंत्री का बयान

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Shiv Mar 10, 2026 1 min read

रायपुर। दुर्ग जिले में अफीम की अवैध खेती का मामला…

गैस सिलेंडर हादसे में मुआवजा देना होगा: IOC और SBI इंश्योरेंस की अपील खारिज

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Shiv Mar 10, 2026 2 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने गैस सिलेंडर ब्लास्ट…

March 10, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

बड़े मंदिर की आध्यात्मिक प्रयोगशाला में अष्टमी तिथि पर गृहस्थ को आत्मकल्याण के लिये पंच-परमेष्ठी की अभिषेक एवं पूजा की गई


रायपुर।      श्री आदिनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर मालवीय रोड रायपुर के जिनालय में पार्श्वनाथ बेदी के समक्ष आध्यात्मिक प्रयोगशाला के माध्यम से आज दिनाँक – 14/06/2024 तिथि : ज्येष्ठ शुक्ल अष्टमी/नवमी, निर्माण संवत २५५० दिन : शुक्रवार को अष्टमी तिथि होने के कारण विशेष धार्मिक आयोजन किया जाता है। जिनालय के पूर्व उपाध्यक्ष श्रेयश जैन बालू ने बताया की गृहस्थ को आत्मकल्याण के लिये पंच-परमेष्ठी भगवान का अभिषेक शांति धारा स्तुति एवं पूजा प्रतिदिन करना चाहिये। देवपूजा, गुरुपास्ति स्वाध्याय, संयम, तप, और दान इन षट्कर्मों के आलम्बन नव देवता हैं।अरहंत, सिद्ध, आचार्य, उपाध्याय, सर्वसाधु, जिनागम, जिनधर्म, जिनमन्दिर और जिनप्रतिमा ये नव देवता हैं। प्रातः अपनी उपासना में श्रावक इनकी आराधना करके वीतरागता और मानवता की शिक्षा ग्रहण करता है, जो इसके आध्यात्मिक और व्यवहारिक जीवन में उपयोगी है।

आज दिनांक 14 जून 2024 शुक्रवार को प्रात 8.30 बजे श्रावक गण सामुहिक रूप से एकत्रित होकर जिनालय की पार्श्वनाथ बेदी में भगवान पुष्पदंत भगवान को पांडुक्षीला में विराजमान कर प्रासुक जल से अभिषेक उपरांत शांति धारा की गई । अष्ट द्रव्यों से पूजन कर अर्घ्य समर्पित किए गए। आज की रिद्धि सिद्धि सुख शांति प्रदाता शांतिधारा करने का सौभाग्य प्रवीण जैन मामाजी को प्राप्त हुआ। आज की शांति धारा का शुद्ध उच्चारण राशु जैन द्वारा किया गया। आज के कार्यक्रम में विशेष रूप से सनत जैन, श्रेयश जैन, प्रवीण जैन मामा, कुमुद जैन, प्रणीत जैन, राशु जैन, पलक जैन, लोकेश जैन,अक्षत जैन, विशेष रूप से उपस्थित थे।