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दूध उत्पादन से लेकर चिराग योजना तक सरकार पर विपक्ष के सवाल, मंत्री ने जांच की घोषणा

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Shiv Mar 13, 2026 3 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र के 10वें दिन सदन में पशुपालन…

मंत्री लखनलाल देवांगन के विभागों के लिए 01 हजार 823 करोड़ रुपए से अधिक की अनुदान मांगें पारित

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Shiv Mar 12, 2026 5 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज वाणिज्य एवं उद्योग विभाग तथा…

‘प्रदेश को बचाने के लिए सतर्क रहें’— अफीम की खेती पर भूपेश बघेल की चेतावनी

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में अफीम की खेती को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री…

खेल क्रांति की नई कहानी : बस्तर ओलंपिक के बाद सरगुजा ओलंपिक से हो रहा उत्तर छत्तीसगढ़ में खेल युग की नई शुरुआत

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रायपुर। अपनी समृद्ध संस्कृति, प्राकृतिक संपदा और आदिवासी परंपराओं के…

March 13, 2026

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सांसद बृजमोहन अग्रवाल के पत्र का असर, 2621 सहायक शिक्षकों के समायोजन का निर्णय

रायपुर।  बर्खास्त शिक्षक मामले में सांसद बृजमोहन अग्रवाल के पत्र का असर हुआ है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश मंत्रिपरिषद ने 2621 बी.एड. अर्हताधारी सहायक शिक्षकों को सहायक शिक्षक (विज्ञान – प्रयोगशाला) के पद पर समायोजित करने का निर्णय लिया है।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने इस फैसले पर मुख्यमंत्री और उनकी कैबिनेट का आभार व्यक्त करते हुए कहा है कि, “मैं इस निर्णय के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी समेत पूरी कैबिनेट का दिल से आभार प्रकट करता हूँ। साथ ही समायोजित सभी सहायक शिक्षकों को हार्दिक बधाई और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ देता हूँ। यह निर्णय न केवल शिक्षकों के जीवन में स्थायित्व लाने वाला है, बल्कि उनके परिवारों को भी सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करेगा।

बता दें कि, 7 अप्रैल 2025 को सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र लिखकर आग्रह किया था कि , राज्य सरकार संवैधानिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए इन शिक्षकों को समकक्ष पदों पर एक बार की विशेष छूट (ONE TIME EXEMPTION) के माध्यम से समायोजित करें। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि राज्य के मिडिल और हाई स्कूलों में प्रयोगशाला सहायक जैसे कई समकक्ष पद रिक्त हैं, जिन पर इन योग्यताधारी बर्खास्त शिक्षकों को समायोजित किया जा सकता है। सांसद ने यह मांग की है कि राज्य सरकार संवेदनशीलता दिखाते हुए संविधान के अनुच्छेद 21 के अनुरूप जीवन रक्षा के अपने कर्तव्यों का पालन करे और इन शिक्षकों के भविष्य को अंधकारमय होने से बचाए। राज्य सरकार द्वारा इस सुझाव को गंभीरता से लेते हुए 23 दिन बाद बर्खास्त शिक्षकों को समायोजित करने का निर्णय लिया गया है।