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राष्ट्रीय वेतनमान सहित सात सूत्रीय मांगों को लेकर इफ़्सेफ का नवंबर में दिल्ली में प्रदर्शन

रायपुर/नई दिल्ली। 23 अगस्त को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के फैकल्टी क्लब, दिल्ली में इफ़्सेफ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष वी.पी. मिश्रा ने की। बैठक में दिल्ली, हरियाणा, गुजरात, जम्मू-कश्मीर, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, मध्यप्रदेश, राजस्थान समेत कई राज्यों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

बैठक में कर्मचारियों की समस्याओं और लंबित मांगों पर विस्तृत चर्चा हुई और सर्वसम्मति से सात सूत्रीय मांगों को लेकर देशव्यापी आंदोलन का निर्णय लिया गया।

इफ़्सेफ की सात सूत्रीय मांगें

बैठक में पारित प्रस्ताव के अनुसार, इफ़्सेफ की प्रमुख सात मांगें इस प्रकार हैं—

  1. राष्ट्रीय वेतन आयोग का गठन किया जाए और आयोग की अनुशंसाओं को लागू होने तक महंगाई भत्ते (DA) का 50% मूल वेतन में समाहित किया जाए।
  2. ठेका, संविदा, दैनिक वेतन एवं आउटसोर्सिंग प्रथा पर रोक लगाकर सभी कर्मचारियों को नियमित किया जाए।
  3. पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल किया जाए।
  4. स्वायत्तशासी संस्थानों में बोनस देने की प्रक्रिया पुनः लागू की जाए।
  5. सरकारी संस्थानों का निजीकरण और निगमीकरण बंद किया जाए।
  6. आशा वर्कर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) कर्मचारियों को नियमित कर शासकीय सेवक घोषित किया जाए।
  7. ईपीएफ के तहत पेंशन पाने वालों को अंतिम वेतन का 50% पेंशन दिया जाए।

आंदोलन की चरणबद्ध रूपरेखा

बैठक में यह भी तय किया गया कि आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से चलाया जाएगा—

  • सितंबर माह में सभी राज्य इकाइयां कार्यालयों, विद्यालयों और जिला मुख्यालयों में कर्मचारी जागरण अभियान चलाएंगी।
  • अक्टूबर माह में राज्यों के जिला एवं राजधानी मुख्यालयों पर एक दिन का सांकेतिक धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
  • नवंबर माह के दूसरे सप्ताह में देशभर के कर्मचारी दिल्ली के रामलीला मैदान में विशाल प्रदर्शन करेंगे।

पदाधिकारियों ने रखा विचार

राष्ट्रीय कार्यकारिणी को राष्ट्रीय अध्यक्ष वी.पी. मिश्रा, राष्ट्रीय सलाहकार दीपक ढोलकिया, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अनिल शुक्ला, ओ.पी. शर्मा, विष्णु भाई पटेल, महासचिव प्रेमचंद, उप महासचिव अतुल मिश्रा, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र शर्मा सहित कई पदाधिकारियों ने संबोधित किया।

बैठक में छत्तीसगढ़ प्रदेश इकाई को भी नई जिम्मेदारी दी गई। प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के महामंत्री सूरज प्रसाद देवांगन को छत्तीसगढ़ प्रदेश इकाई का संयोजक नियुक्त किया गया।