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बिजली बिल बकाया रखने वाले IAS अधिकारी और रसूखदारों पर कांग्रेस का हमला, प्रतिनिधिमंडल ने CSEB एमडी को सौंपा ज्ञापन

रायपुर। कांग्रेस पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनी (सीएसईबी) के प्रबंध निदेशक भीम सिंह से मुलाकात कर प्रभावशाली लोगों द्वारा लंबे समय से बकाया करोड़ों रुपये के बिजली बिलों का मुद्दा उठाया। प्रतिनिधिमंडल ने सवाल किया कि जिन रसूखदारों ने महीनों से बिजली बिल का भुगतान नहीं किया है, उनके साथ अलग और नरम व्यवहार क्यों किया जा रहा है।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मंत्री, सांसद और आईएएस अधिकारी सरकारी सुविधाओं का पूरा लाभ लेने के बावजूद बिजली बिल नहीं चुकाते हैं, जो उनकी साख पर सवाल खड़ा करता है। उन्हें अलग से भत्ते दिए जाते हैं, इसके बावजूद बिल बकाया रखना समझ से परे है। जनता के बीच नैतिकता और महापुरुषों के आदर्शों की बात करने वाले नेता खुद अपने घरों के बिजली बिल तक नहीं भर रहे हैं।

पूर्व महापौर प्रमोद दुबे ने आरोप लगाया कि मंत्रियों और आईएएस अधिकारियों को हर दो महीने में नोटिस जारी किए गए, लेकिन सरकार में अपनी पहुंच के चलते वे इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिजली विभाग हजारों करोड़ रुपये के घाटे में है, जिसकी भरपाई आम उपभोक्ताओं के बिजली बिल बढ़ाकर और कर्ज लेकर की जा रही है। जनता के पैसे से ब्याज चुकाना बेहद शर्मनाक है।

प्रमोद दुबे ने यह भी कहा कि बड़े बिल्डरों और कुछ नामी लोगों पर 10 लाख रुपये से अधिक के बिजली बिल बकाया हैं, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। कांग्रेस अध्यक्ष कुमार शंकर मेनन ने चेतावनी दी कि यदि सात दिनों के भीतर रसूखदारों से बकाया बिजली बिल वसूल नहीं किया गया, तो उनके घरों के सामने नगाड़ा बजाकर जनता को बताया जाएगा कि ये सुविधाभोगी लोग बिजली बिल और टैक्स नहीं चुकाते हैं।

पूर्व विधायक कुलदीप जुनेजा और गिरीश दुबे ने सवाल उठाया कि नगर निगम के बोर से जनता को दिए जाने वाले पानी पर कॉमर्शियल टैक्स क्यों लिया जा रहा है, जबकि यह जनसेवा की श्रेणी में आता है। उन्होंने कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं पर ही करीब 2500 करोड़ रुपये का बकाया है, जिसमें कई बड़े बिल्डर और अनेक मैरिज पैलेस संचालक शामिल हैं।

कांग्रेस प्रवक्ता बंशी कन्नौजे ने कहा कि अगले चरण में रसूखदारों के घरों पर उनके बकाया बिजली बिल चस्पा किए जाएंगे, ताकि जनता को उनकी वास्तविकता का पता चल सके।