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Shiv Mar 9, 2026 2 min read

बिलासपुर। जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के उद्देश्य से…

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रायपुर। छत्तीसगढ़ से भाजपा प्रत्याशी लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस प्रत्याशी फूलोदेवी…

अस्पताल परिसर में लगी भीषण आग, आधा दर्जन कंडम एंबुलेंस समेत अन्य वाहन जलकर खाक

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Shiv Mar 9, 2026 1 min read

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा स्थित जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में…

बिलासपुर में अवैध हुक्का बार पर पुलिस की दबिश, होटल मैनेजर गिरफ्तार

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Shiv Mar 9, 2026 2 min read

बिलासपुर। जिले में अवैध रूप से संचालित हुक्का बार पर…

March 9, 2026

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सुनहरे भविष्य की उम्मीद : दिव्यांग रूपेश को मिली पचास हजार रुपए की सहायता राशि

रायपुर।    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने निवास परिसर में आयोजित जनदर्शन में आए दिव्यांग रूपेश कुमार साहू को शिक्षण, प्रशिक्षण और व्यवसाय के लिए 50 हज़ार रूपए आर्थिक सहायता राशि देने की घोषणा की। इस घोषणा से रूपेश की खुशी का ठिकाना नही रहा। उन्होंने कहा कि जीवन में आने वाले संघर्षाे को हँसते हुए सामना करना अब उनकी दिनचर्या में शामिल है। भानसोज निवासी दिव्यांग रूपेश कुमार साहू कठिनाईयों का हँसते हुए सामना कर अपने दो भाइयों के साथ-साथ अपने परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत करने में भूमिका निभा रहे हैं। ऑटोपार्ट्स दुकान का संचालन कर एक बेहतर भविष्य का निर्माण करने में लगे हुए हैं।

दिव्यांग रूपेश साहू भूमिहीन परिवार से है। उनके पिता पुष्कर साहू मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण किया। वर्ष 2018 में रूपेश की मां की मृत्यु होने पर बच्चों के पालन पोषण में की जिम्मेदारी पिता पर आ गई। रूपेश दिव्यांग होने के कारण उनके पालन पोषण में परेशानियों का सामना करना पड़ा। दिव्यांग रूपेश पढ़ाई में बेहतर था, उन्होंने बी. ए. की परीक्षा उत्तीर्ण की। अपनी दिव्यांगता को कमजोरी न मानकर उसने अपने हौसलें को कभी टूटने नहीं दिया। उन्होंने अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुधारने का हर संभव प्रयास किया। वर्तमान में वे ग्राम कोसरंगी में अपने दो भाइयों के साथ ऑटोपार्ट्स दुकान का संचालन कर रहे हैं।

जनदर्शन कार्यक्रम में पहुंचे दिव्यांग रूपेश की दास्तान की सुनकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उन्हें 50 हज़ार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान करने की स्वीकृति दी। मुख्यमंत्री श्री साय के हाथों मिली आर्थिक मदद ने रूपेश के जीवन में एक नई उम्मीद की किरण जगाई है। अब वे अपने व्यवसाय को और भी बेहतर तरीके से कर सकेंगे और अपने साथ भाईयों के भविष्य को सुरक्षित कर सकेंगे।