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सरकारी राशन दुकान में सेंधमारी, ताला तोड़कर 26 क्विंटल चावल और इलेक्ट्रॉनिक कांटा ले उड़े चोर

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Shiv Mar 8, 2026 1 min read

कवर्धा। जिले के पिपरिया थाना क्षेत्र के ग्राम बानो में चोरों…

स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव की जयंती पर मुख्यमंत्री साय ने किया श्रद्धापूर्वक नमन

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Shiv Mar 8, 2026 2 min read

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पूर्व लोकसभा सांसद स्वर्गीय…

छत्तीसगढ़ के पूर्व डीजीपी विश्वरंजन का निधन, पटना के मेदांता अस्पताल में ली अंतिम सांस

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Shiv Mar 8, 2026 1 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विश्वरंजन का शनिवार…

अवैध प्लाटिंग पर चला प्रशासन का बुलडोजर, 1 एकड़ जमीन पर हो रहे निर्माण पर लगाई रोक

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Shiv Mar 8, 2026 1 min read

रायपुर। राजधानी रायपुर में अवैध निर्माण और अवैध प्लाटिंग के…

भाजपा नेता के खेत से 8 करोड़ का अफीम जब्त, मक्के के बीच पांच एकड़ से अधिक में उगाई थी फसल

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Shiv Mar 7, 2026 2 min read

दुर्ग। दुर्ग जिले में भाजपा नेता विनायक ताम्रकार के द्वारा किए…

March 8, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की विशेष पहल से औपनिवेशिक परंपरा में ऐतिहासिक बदलाव

रायपुर।  छत्तीसगढ़ राज्य के मंत्रीगणों और पुलिस के आला अधिकारियों को सामान्य दौरे, निरीक्षण, भ्रमण के दौरान गार्ड ऑफ ऑनर दिए जाने की औपनिवेशिक परंपरा को समाप्त कर दिया गया है। गृह विभाग द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर के नियमों में संशोधन किए जाने का आदेश जारी कर दिया गया है, जो तत्काल प्रभाव से लागू होगा।

उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा की विशेष पहल पर गृह विभाग ने गार्ड ऑफ ऑनर की औपनिवेशिक काल से चली आ रही परंपरा की समीक्षा करने के उपरांत इसमें संशोधन का आदेश जारी किया है। इसका उद्देश्य पुलिस बल की कार्यक्षमता का उपयोग कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने और औपनिवेशिक सोच से जुड़ी परंपराओं को समाप्त करना है।

गौरतलब है कि गृहमंत्री विजय शर्मा ने स्वयं विभाग के अधिकारियों को गार्ड ऑफ ऑनर की वर्तमान व्यवस्था की समीक्षा कर इसमें वर्तमान स्थिति में आवश्यकतानुसार बदलाव करने के निर्देश दिए थे। जिसके परिपालन में गृह विभाग ने पुलिस बल को अनावश्यक औपचारिकताओं से मुक्त कर उनकी कार्यक्षमता का उपयोग उनके मूल दायित्वों के पालन के लिए यह संशोधन किया है।

सामान्य दौरों में सलामी गारद समाप्त

जारी आदेश के तहत राज्य के भीतर सामान्य दौरों, आगमन-प्रस्थान एवं निरीक्षण के दौरान अब गृहमंत्री, समस्त मंत्रीगण, पुलिस महानिदेशक सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सलामी गारद (गार्ड ऑफ ऑनर) नहीं दिया जाएगा। जिला भ्रमण, दौरे या निरीक्षण के समय पूर्व में प्रचलित सलामी व्यवस्था को पूर्णतः समाप्त कर दिया गया है। इससे पुलिस बल का समय और ऊर्जा का प्रभावी उपयोग सुरक्षा, कानून-व्यवस्था तथा जनसेवा के कार्यों में हो सकेगा।

राष्ट्रीय एवं राजकीय आयोजनों में यथावत व्यवस्था

यह प्रतिबंध राष्ट्रीय और राजकीय समारोहों पर लागू नहीं होगा। गणतंत्र दिवस (26 जनवरी), स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त), शहीद पुलिस स्मृति दिवस (21 अक्टूबर), राष्ट्रीय एकता दिवस (31 अक्टूबर), राजकीय समारोहों तथा पुलिस दीक्षांत परेड जैसे अवसरों पर औपचारिक सलामी गारद की व्यवस्था पूर्ववत रहेगी।

संवैधानिक पदों के लिए प्रोटोकॉल जारी

आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि प्रोटोकॉल के अनुसार संवैधानिक पदों पर आसीन महानुभावों एवं विशिष्ट अतिथियों के लिए सलामी गारद की व्यवस्था पहले की तरह यथावत रहेगी। यह निर्णय शासन की प्रशासनिक सुधारों के प्रति प्रतिबद्धता और आधुनिक, जनोन्मुखी व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे पुलिस बल की कार्यक्षमता में सकारात्मक सुधार होगा।