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विकसित भारत की मजबूत नींव रखने वाला ऐतिहासिक विधेयक: लोकसभा में सांसद बृजमोहन अग्रवाल का प्रभावशाली और दूरदर्शी पक्ष

नई दिल्ली/रायपुर। लोकसभा में ‘विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB–G RAM G) बिल, 2025’ पर हुई चर्चा के दौरान रायपुर के सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की ओर से प्रथम वक्ता के रूप में अपनी ओजस्वी, तथ्यपूर्ण और दूरदर्शी बात रखकर संसद में अपनी प्रभावी उपस्थिति दर्ज कराई।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने इस ऐतिहासिक विधेयक को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कर्मयोगी नेतृत्व का प्रत्यक्ष प्रमाण बताते हुए कहा कि यह मिशन केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर, सम्मानजनक और स्थायी आजीविका की गारंटी देने वाला परिवर्तनकारी कदम है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मनरेगा को नए स्वरूप में ‘विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ के रूप में परिवर्तित करना विकसित भारत की नींव को और अधिक सुदृढ़ करेगा।

श्री अग्रवाल ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के समय मनरेगा भ्रष्टाचार, अकुशल कार्यों और दिशाहीनता का प्रतीक बन गई थी। गड्ढा खोदने और भरने जैसे कार्यों ने इस योजना की गरिमा को ठेस पहुंचाई। ऐसे में मोदी सरकार द्वारा इस योजना को नए नाम, नई सोच और नई व्यवस्था के साथ लागू करना एक साहसिक और ऐतिहासिक निर्णय है।

उन्होंने बताया कि नई योजना के तहत अब ग्रामीण परिवारों को 100 दिन के बजाय 125 दिन का सुनिश्चित रोजगार मिलेगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सीधा संबल मिलेगा। मजदूरी दर बढ़ाकर 240 रुपये प्रतिदिन किया जाना, डिजिटल व बायोमैट्रिक आधारित नया पंजीकरण, केवल वैध भारतीय श्रमिकों को लाभ, तथा राज्यों की सहभागिता से वित्तीय अनुशासन—ये सभी प्रावधान योजना को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और भ्रष्टाचारमुक्त बनाएंगे।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने यह भी रेखांकित किया कि बुवाई और कटाई के समय रोजगार न दिए जाने का प्रावधान किसानों के हित में एक दूरदर्शी निर्णय है, जिससे कृषि कार्यों के लिए श्रमिकों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। संभावित साप्ताहिक भुगतान प्रणाली से श्रमिकों को समय पर मेहनताना मिलेगा और उनकी आर्थिक परेशानियां कम होंगी।

अपने वक्तव्य में श्री अग्रवाल ने कहा कि यह विधेयक गांवों में अवसर, युवाओं को कौशल, किसानों को मजबूती और परिवारों को स्थायी आय का भरोसा देता है। यह योजना ‘गांव सशक्त, किसान सशक्त, युवा सशक्त, भारत विकसित’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

उन्होंने दृढ़ विश्वास के साथ कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हर निर्णय गरीब, किसान, मजदूर और गांव के कल्याण के लिए होता है। यह विधेयक ग्रामीण भारत को आर्थिक मजबूती देने के साथ-साथ देश के समग्र विकास को नई गति देगा।

अंत में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने पूरे विश्वास और दृढ़ता के साथ ‘विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) बिल, 2025’ का समर्थन करते हुए कहा—“मोदी है तो मुमकिन है”, और यह विधेयक आने वाले वर्षों में ग्रामीण भारत के जीवन में सकारात्मक और ऐतिहासिक बदलाव लाएगा।