Special Story

तहसीलदारों को पदोन्नति का मौका: डिप्टी कलेक्टर भर्ती में फिर लागू हुआ 50/50 फॉर्मूला

तहसीलदारों को पदोन्नति का मौका: डिप्टी कलेक्टर भर्ती में फिर लागू हुआ 50/50 फॉर्मूला

Shiv Mar 10, 2026 2 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के सत्र के दौरान प्रशासनिक पदों पर भर्ती और…

March 10, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के अधिकार को रखा बरकरार, पूर्व कुलपति की अपील खारिज, जानिए क्या है मामला

बिलासपुर।     एक मामले में छत्तीसगढ़ विश्वविद्यालय अधिनियम 1973 की धारा 52 को लागू करने के राज्य के अधिकार को हाईकोर्ट ने बरकरार रखा है. मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि असाधारण परिस्थितियों में राज्य शासन को विश्वविद्यालयों के प्रशासन में हस्तक्षेप करने का अधिकार है. इसके साथ ही हाईकोर्ट ने बस्तर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. एनडीआर चंद्रा की अपील खारिज कर दी है. उन्होंने पद से हटाए जाने को लेकर हाईकोर्ट चुनौती दी थी. मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा, जस्टिस बिभु दत्ता गुरु की डीबी में हुई.

दरअसल, बस्तर विवि के कुलपति प्रो एन डी आर चंद्रा को प्रशासनिक कदाचार और वित्तीय अनियमितताओं सहित कई आरोप लगे. उन्हें जनवरी 2013 से पद से हटा दिया गया था. राज्य सरकार ने इन आरोपों की जांच के लिए 2015 में एक जांच समिति गठित की. जांच में विवि प्रबंधन में गंभीर खामियां सामने आई. जिसके बाद सितंबर 2016 में चंद्रा को हटाने के लिए अधिसूचना जारी की. इसके खिलाफ कुलपति चंद्रा ने हाई कोर्ट में अपील की. सिंगल बेंच ने उनकी अपील को खारिज कर दी. कुलपति चंद्रा ने सिंगल बेंच के आदेश को डिवीजन बेंच में चुनौती दी थी.