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बिलासपुर एयरपोर्ट के विकास पर हाईकोर्ट सख्त, रक्षा मंत्रालय और उड्डयन मंत्रालय को भेजा नोटिस

बिलासपुर। बिलासपुर एयरपोर्ट के अधूरे विकास कार्य को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक बार फिर नाराजगी जाहिर की है। एयरपोर्ट से जुड़ी जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा की अध्यक्षता वाली डिवीजन बेंच ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “क्या आप नहीं चाहते कि बिलासपुर में एयरपोर्ट बने?”कोर्ट ने यह टिप्पणी तब की जब यह पाया गया कि अब तक विकास कार्यों को लेकर कोई ठोस पहल सामने नहीं आई है।

कोर्ट की सख्त टिप्पणी और निर्देश

हाईकोर्ट ने विकास कार्यों की धीमी गति पर कोर्ट ने नाराजगी जतायी। हाईकोर्ट ने रक्षा मंत्रालय के सचिव को नोटिस जारी करते हुए 8 सप्ताह के भीतर व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है। साथ ही नागर विमानन मंत्रालय (Aviation Ministry) से भी जवाब तलब किया गया है। एयरपोर्ट पर नाइट लैंडिंग से संबंधित प्रगति रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिये हैं।

जनहित याचिका पर चल रही सुनवाई

यह मामला बिलासपुर एयरपोर्ट के समुचित विकास, उड़ानों की सुविधा और नाइट लैंडिंग जैसी आधुनिक सेवाओं की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका से जुड़ा है। वर्षों से लंबित इस मामले में अब हाईकोर्ट की कड़ी टिप्पणियों से उम्मीद की जा रही है कि विकास कार्यों में तेजी लाई जाएगी। इस मामले में अगली सुनवाई 6 अक्टूबर 2025 को होगी। कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि अगली सुनवाई तक संबंधित विभागों को ठोस जवाब और दस्तावेजों के साथ उपस्थित होना होगा।