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March 9, 2026

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मिड-डे मील में बच्चों को कुत्ते का जूठा खाना परोसने के मामले में हाईकोर्ट सख्त, शिक्षा सचिव से मांगा व्यक्तिगत हलफनामा

बिलासपुर। बलौदाबाजार के पलारी ब्लॉक स्थित लच्छनपुर मिडिल स्कूल में मिड-डे मील के तहत बच्चों को कुत्ते द्वारा जूठा किया गया भोजन परोसने के मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस विभु दत्ता गुरु की खंडपीठ ने इस घटना को “गंभीर लापरवाही” करार देते हुए स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव को 19 अगस्त 2025 तक व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है।

मीडिया रिपोर्ट के बाद लिया स्वत: संज्ञान

यह मामला 3 अगस्त को मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर स्वत: संज्ञान लेकर जनहित याचिका के रूप में दर्ज किया गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, 28 जुलाई 2025 को लच्छनपुर के सरकारी स्कूल में 83 बच्चों को वह खाना परोसा गया जिसे एक आवारा कुत्ता पहले ही जूठा कर चुका था। जब यह बात छात्रों ने घर जाकर अभिभावकों को बताई, तो ग्राम स्तरीय स्कूल समिति की बैठक हुई। इसके बाद दबाव में आकर 83 बच्चों को एंटी रेबीज वैक्सीन की दो डोज दी गई। हालांकि विभिन्न मीडिया स्रोतों के अनुसार, कुल 84 बच्चों ने भोजन किया था, जिनमें से 78 या 83 को वैक्सीन दी गई, आंकड़ों में मामूली अंतर बना हुआ है।

हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि “छात्रों को परोसा जाने वाला भोजन कोई औपचारिकता नहीं है, यह गरिमा के साथ होना चाहिए। कुत्ते द्वारा जूठा भोजन परोसना न सिर्फ घोर लापरवाही है, बल्कि यह बच्चों की जान को सीधे खतरे में डालना है। एक बार रेबीज हो जाए तो उसका इलाज संभव नहीं होता।”

कोर्ट ने इस कृत्य को “गंभीर प्रशासनिक विफलता” और “अमानवीय व्यवहार” बताया और राज्य सरकार से निम्न बिंदुओं पर स्पष्ट जवाब मांगा है:

  • क्या सभी प्रभावित छात्रों को समय पर वैक्सीन दी गई?
  • जिम्मेदार शिक्षकों और स्व-सहायता समूह पर क्या कार्रवाई हुई?
  • क्या पीड़ित छात्रों को मुआवजा दिया गया?
  • भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या पुख्ता उपाय किए गए हैं?

19 अगस्त को होगी अगली सुनवाई

कोर्ट ने यह भी माना कि इस तरह की घटनाएं राज्य सरकार की योजनाओं की साख पर सीधा प्रहार करती हैं और बच्चों के जीवन से खिलवाड़ है। न्यायालय ने शिक्षा सचिव को अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से हलफनामा दाखिल कर पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।