Special Story

दुर्ग में 5 एकड़ में अवैध अफीम की खेती का खुलासा, पौधे उखाड़ने की कार्रवाई शुरू

दुर्ग में 5 एकड़ में अवैध अफीम की खेती का खुलासा, पौधे उखाड़ने की कार्रवाई शुरू

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के समोदा में अवैध रूप से…

गैस सिलेंडर के दाम बढ़े, कांग्रेस ने किया विरोध प्रदर्शन, पीएम की फूंका पुतला

गैस सिलेंडर के दाम बढ़े, कांग्रेस ने किया विरोध प्रदर्शन, पीएम की फूंका पुतला

Shiv Mar 9, 2026 1 min read

राजनांदगांव। देश भर में 7 मार्च से घरेलू में 60 रुपए…

शराब पर सियासत गर्म : भूपेश बघेल ने पोस्ट किया वीडियो, लिखा- बियर के अंदर बियर

शराब पर सियासत गर्म : भूपेश बघेल ने पोस्ट किया वीडियो, लिखा- बियर के अंदर बियर

Shiv Mar 8, 2026 2 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेलने रविवार को सोशल मीडिया…

चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रिय समाज के अधिवेशन में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रिय समाज के अधिवेशन में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

Shiv Mar 8, 2026 3 min read

रायपुर। जब समाज स्वयं अपने बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी…

महतारी वंदन योजना से मातृशक्ति को मिला आर्थिक संबल : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

महतारी वंदन योजना से मातृशक्ति को मिला आर्थिक संबल : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

Shiv Mar 8, 2026 8 min read

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के…

March 9, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अवमानना कार्रवाई की मांग उच्च न्यायालय ने की खारिज

बिलासपुर। पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अवमानना कार्रवाई शुरू न करने के आदेश के खिलाफ दायर अपील को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि जब एकल पीठ ने अवमानना कार्रवाई प्रारंभ करने से इंकार कर दिया है, तो उसके विरुद्ध अपील धारा 19(1)(ए) अवमानना अधिनियम, 1971 के तहत सुनवाई योग्य नहीं है.

हाईकोर्ट में जस्टिस संजय कुमार अग्रवाल व जस्टिस सचिन सिंह राजपूत की डिवीजन बेंच में शैलेन्द्र ज्ञानचंदानी द्वारा दायर अपील पर यह फैसला सुनाया. याचिकाकर्ता ने धमतरी के पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अवमानना कार्रवाई शुरू करने की मांग की थी.

शैलेन्द्र ज्ञानचंदानी ने आरोप लगाया था कि धमतरी के तत्कालीन पुलिस अधिकारी एसपी आंजनेय वैष्णव, सीएसपी नेहा पवार, थाना प्रभारी राजेश मरई और अमित बघेल ने सुप्रीम कोर्ट के अरनेश कुमार बनाम बिहार राज्य (2014) के आदेशों की अवहेलना करते हुए गिरफ्तारी की प्रक्रिया में अवमानना की है.

इस पर दायर अवमानना याचिका पर हाई कोर्ट के सिंगल बैंच ने 21 अक्टूबर 2024 को खारिज कर दिया और अवमानना कार्रवाई शुरू करने से इंकार कर दिया था.

अपीलकर्ता के अधिवक्ता ने डिवीजन बेंच में तर्क दिया कि एकल पीठ द्वारा कार्रवाई न प्रारंभ करने का आदेश कानूनी त्रुटि है. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की स्पष्ट अवहेलना हुई है, जिसके बावजूद एकल पीठ ने अवमानना की कार्रवाई प्रारंभ नहीं की, जो न्यायालय की अवमानना की श्रेणी में आता है.

मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि अवमानना अधिनियम, 1971 की धारा 19(1)(ए) के अनुसार अपील केवल तभी सुनवाई योग्य होती है, जब हाईकोर्ट अपने अधिकार क्षेत्र में रहते हुए अवमानना के लिए दंडित करता है. जब एकल पीठ ने अवमानना कार्रवाई प्रारंभ करने से ही इंकार कर दिया है, तो यह आदेश धारा 19(1)(ए) के तहत अपील योग्य नहीं है. यह अपील प्रारंभिक स्तर पर ही अपात्र है.