Special Story

गैस सप्लाई पर चिंता, होटल-रेस्टोरेंट एसोसिएशन बोला– सिलेंडर जमा न करें

गैस सप्लाई पर चिंता, होटल-रेस्टोरेंट एसोसिएशन बोला– सिलेंडर जमा न करें

Shiv Mar 11, 2026 1 min read

रायपुर। प्रदेश में कमर्शियल LPG सिलेंडर की संभावित कमी को…

आयुष्मान योजना के क्रियान्वयन पर विधानसभा में सवाल, स्वास्थ्य मंत्री से जवाब तलब

आयुष्मान योजना के क्रियान्वयन पर विधानसभा में सवाल, स्वास्थ्य मंत्री से जवाब तलब

Shiv Mar 11, 2026 2 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ में आयुष्मान कार्ड का समुचित लोगों को नहीं…

IAS निरंजन दास ने सरकारी खजाने में हेराफेरी की, नहीं दे सकते जमानत : हाईकोर्ट

IAS निरंजन दास ने सरकारी खजाने में हेराफेरी की, नहीं दे सकते जमानत : हाईकोर्ट

Shiv Mar 11, 2026 2 min read

बिलासपुर। प्रदेश के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के…

March 11, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

वाहन फाइनेंस कंपनी को पारित एकपक्षीय अवार्ड निरस्त, हाईकोर्ट ने दिया आदेश

बिलासपुर। वाहन फाइनेंस कंपनी चोलामंडलम की ओर से नियुक्त मध्यस्थ ने कंपनी के पक्ष में एकपक्षीय अवार्ड पारित कर दिया। हाईकोर्ट ने इस मामले में सुनवाई के बाद यह एकपक्षीय अवार्ड को निरस्त कर दिया है।

याचिकाकर्ता रिंकेश खन्ना ने चोलामंडलम फाइनेंस कम्पनी से वाहन क्रय करने के लिए ऋण प्राप्त किया। इसके लिए एक संविदा निष्पादित की गई। ऋण भुगतान समान मासिक किस्तों में तय किया गया। व्यापार हानि एवं अन्य कारणों से ऋण भुगतान में असमर्थ होने पर वाहन को कंपनी को वापस समर्पित कर दिया गया। इसके पश्चात चोलामंडलम फाइनेंस कंपनी ने स्वयं एकतरफा मध्यस्थ की नियुक्ति कर दी। कंपनी द्वारा नियुक्त मध्यस्थ ने कंपनी के पक्ष में एकपक्षीय अवार्ड पारित कर दिया।

अवार्ड राशि वसूली के लिए कंपनी ने सिविल न्यायालय में निष्पादन कार्यवाही प्रारंभ की। याचिकाकर्ता ने सिविल न्यायालय में निष्पादन प्रकरण के विरुद्ध आपत्ति प्रस्तुत की। आपत्ति निरस्त होने पर रिंकेश खन्ना ने उच्च न्यायालय में याचिका प्रस्तुत की और मांग की गई कि निष्पादन न्यायालय में प्रस्तुत निष्पादन प्रकरण क्षेत्राधिकार विहीन है और प्रारंभ से ही शून्य है।

याचिका में बताया गया कि मध्यस्थता संशोधन अधिनियम 2015 की धारा 12 उपधारा 5 सहपठित अनुसूची 7 के अनुसार संविदा में हितबद्ध पक्षकार द्वारा एकपक्षीय मध्यस्थ की नियुक्ति नहीं की जा सकती। ऐसे एकपक्षीय मध्यस्थ के समक्ष की गई सभी कार्यवाही प्रारंभ से ही शून्य है, क्षेत्राधिकार विहीन है और एकपक्षीय अवार्ड अनुसार संस्थित निष्पादन प्रकरण चलने योग्य नहीं है। उच्च न्यायालय ने प्रतिवादी को नोटिस जारी कर याचिका स्वीकार कर एकपक्षीय अवार्ड को निरस्त करने का आदेश पारित किया।