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प्रदेश में नशे के कारोबार पर सरकार सख्त, अफीम खेती मामले में मंत्री का बयान

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Shiv Mar 10, 2026 1 min read

रायपुर। दुर्ग जिले में अफीम की अवैध खेती का मामला…

गैस सिलेंडर हादसे में मुआवजा देना होगा: IOC और SBI इंश्योरेंस की अपील खारिज

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Shiv Mar 10, 2026 2 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने गैस सिलेंडर ब्लास्ट…

दुर्ग के बाद अब बलरामपुर में अफीम खेती का मामला सामने आया

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Shiv Mar 10, 2026 1 min read

बलरामपुर। छत्तीसगढ़ में अवैध अफीम की खेती के मामले लगातार सामने…

रायपुर स्मार्ट सिटी के काम की होगी जांच, ध्यानाकर्षण के दौरान मंत्री अरुण साव ने की घोषणा…

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Shiv Mar 10, 2026 2 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मंगलवार को ध्यानाकर्षण…

छत्तीसगढ़ सरकार अलर्ट, नागरिकों की मदद के लिए नोडल अधिकारी किया नियुक्त, हेल्पलाइन नंबर भी जारी…

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Shiv Mar 10, 2026 1 min read

रायपुर। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच युद्ध के कारण मिडिल-ईस्ट…

March 10, 2026

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हाइकोर्ट ने राज्य सरकार को जारी किया सख्त निर्देश, 7 दिनों के भीतर करें डीएलएड डिप्लोमा धारकों की नियुक्ति

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने डीएलएड डिप्लोमा धारकों को प्राथमिक स्कूलों में शिक्षक के पद पर नियुक्ति देने के लिए राज्य सरकार को सख्त निर्देश जारी किया है. जस्टिस अरविंद वर्मा की बेंच ने राज्य शासन से कहा है कि सात दिनों के भीतर डीएलएड डिप्लोमा धारकों की चयन सूची जारी करें, जिनको प्राइमरी स्कूलों में शिक्षक के पद पर नियुक्ति दी जानी है. अवमानना याचिका पर अगली सुनवाई 10 दिसंबर को होगी.

दरअसल, डीएलएड डिप्लोमा धारकों ने हाईकोर्ट में चौथी बार अवमानना याचिका लगाई है. जिस पर सुनवाई करते हुए सिंगल बेंच ने राज्य सरकार के रवैये को लेकर नाराजगी जताते हुए कहा, कि सुप्रीम कोर्ट और उसके बाद हाई कोर्ट के फैसले के बाद भी राज्य सरकार आदेश का परिपालन करने के बजाय लगातार अवहेलना कर रही है. अवमानना याचिका की पिछली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जोड़कर उनकी बातें सुनी थी. विभागीय अधिकारियों के जवाब सुनने के बाद कोर्ट ने 21 दिनों के भीतर प्राइमरी स्कूलों में नौकरी कर रहे बीएड डिग्रीधारकों को बाहर निकालने और उनकी जगह मेरिट के आधार पर डीएलएड डिप्लोमा धारकों को नियुक्ति देने के लिए सूची जारी करने कहा था. हाईकोर्ट द्वारा तय की गई समय सीमा बीते जाने के बाद भी जब राज्य शासन की ओर से नियुक्ति देने के संबंध में प्रक्रिया प्रारंभ नहीं की गई तब डिप्लोमा धारकों ने न्यायालीयन आदेश की अवहलेना का आरोप लगाते हुए राज्य सरकार के खिलाफ अवमानना याचिका दायर की है.

मामले में राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता कार्यालय के ला अफसर ने बताया कि डीएलएड डिप्लोमा धारकों की मेरिट के आधार पर सूची बनाने और जारी करने की जिम्मेदारी व्यापम को दी गई है. व्यापम की ओर से इस संबंध में विलंब किया जा रहा है.

नाराज कोर्ट ने कहा कि इस पूरे मामले में जानबुझकर न्यायालय का समय बर्बाद किया जा रहा है. कोर्ट ने राज्य शासन को अंतिम अवसर देते हुए सात दिनों के भीतर मेरिट के आधार पर डीएलएड अभ्यर्थियों की सूची जारी करने और नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया है.