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बेटी ने निभाया पुत्र धर्म: समाज की रूढ़ियों को तोड़कर दी मां चिता को अग्नि दी

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ShivApr 4, 20252 min read

खैरागढ़।  बच्चों का कर्तव्य केवल परंपराओं तक सीमित नहीं होता,…

परिवहन पोर्टल के द्वारा घर बैठे बनवाएं लायसेंस और कराएं गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन

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रायपुर।   छत्तीसगढ़ शासन, परिवहन विभाग द्वारा आम नागरिकों को दी…

नाला किनारे चल रहा था महुआ शराब कारखाना, पुलिस की दबिश में मिला अवैध शराब का जखीरा

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कोरबा। ऊर्जाधानी में अवैध शराब का कारोबार थमने का नाम ही…

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रायपुर। त्रि स्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान पार्टी विरोधी गतिविधियों पर…

April 4, 2025

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महिला तहसीलदार के ट्रान्सफर आदेश पर हाई कोर्ट ने दिया स्थगन, जानिए क्या दिया तर्क…

बिलासपुर। रायपुर राजस्व विभाग में तहसीलदार के पद पर पदस्थ प्रेरणा सिंह के स्थगन आदेश पर हाई कोर्ट ने स्थगन दिया है. महिला तहसीलदार की ओर से छह माह से गर्भवती होने के साथ चार वर्ष की पुत्री की जिम्मेदारी होने का तर्क दिया गया था.

राजस्व विभाग ने 13 सितम्बर प्रेरणा सिंह का स्थानांतरण रायपुर जिला से महासमुंद जिला कर दिया गया था. इस पर प्रेरणा सिंह ने हाईकोर्ट अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय एवं दुर्गा मेहर के जरिए बिलासपुर हाई कोर्ट में याचिका दायर कर स्थानांतरण आदेश को चुनौती दी गई. अधिवक्ताओं ने हाईकोर्ट के समक्ष यह तर्क प्रस्तुत किया गया कि याचिकाकर्ता लगभग छह माह से गर्भवती है.

अधिवक्ता ने बताया कि इसके साथ याचिकाकर्ता के ऊपर एक चार वर्ष की पुत्री की जिम्मेदारी है. इसके साथ ही याचिकाकर्ता की पति रायपुर में असिस्टेन्ट इंजीनियर के पद पर पदस्थ है. छह माह की गर्भावस्था में याचिकाकर्ता का रायपुर से महासमुंद शिफ्ट होना और अपनी सेवाएं देना अत्यंत दुर्लभ है. ऐसी स्थिति में याचिकाकर्ता एवं उसके गर्भस्थ शिशु के जीवन को खतरा उत्पन्न हो सकता है.

हाई कोर्ट ने सुनवाई के पश्चात् याचिका को स्वीकार कर याचिकाकर्ता को सक्षम अधिकारी के समक्ष आवेदन पेश करने का आदेश किया. इसके साथ ही याचिकाकर्ता के स्थानांतरण पर स्थगन देते हुए याचिकाकर्ता को रायपुर जिला में तहसीलदार के पद पर अपनी सेवाएं देने के लिए आदेशित किया गया.