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बालोद और बेमेतरा कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, बढ़ाई गई सुरक्षा व्यवस्था

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Shiv Mar 9, 2026 1 min read

बालोद/बेमेतरा। छत्तीसगढ़ के हाईकोर्ट और विभिन्न जिला कोर्टों को लगातार…

महापुरुषों के जीवन और विचारों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ेगी नई पीढ़ी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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Shiv Mar 9, 2026 2 min read

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के…

दुर्ग में 5 एकड़ में अवैध अफीम की खेती का खुलासा, पौधे उखाड़ने की कार्रवाई शुरू

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Shiv Mar 9, 2026 2 min read

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के समोदा में अवैध रूप से…

March 9, 2026

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महिला तहसीलदार के ट्रान्सफर आदेश पर हाई कोर्ट ने दिया स्थगन, जानिए क्या दिया तर्क…

बिलासपुर। रायपुर राजस्व विभाग में तहसीलदार के पद पर पदस्थ प्रेरणा सिंह के स्थगन आदेश पर हाई कोर्ट ने स्थगन दिया है. महिला तहसीलदार की ओर से छह माह से गर्भवती होने के साथ चार वर्ष की पुत्री की जिम्मेदारी होने का तर्क दिया गया था.

राजस्व विभाग ने 13 सितम्बर प्रेरणा सिंह का स्थानांतरण रायपुर जिला से महासमुंद जिला कर दिया गया था. इस पर प्रेरणा सिंह ने हाईकोर्ट अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय एवं दुर्गा मेहर के जरिए बिलासपुर हाई कोर्ट में याचिका दायर कर स्थानांतरण आदेश को चुनौती दी गई. अधिवक्ताओं ने हाईकोर्ट के समक्ष यह तर्क प्रस्तुत किया गया कि याचिकाकर्ता लगभग छह माह से गर्भवती है.

अधिवक्ता ने बताया कि इसके साथ याचिकाकर्ता के ऊपर एक चार वर्ष की पुत्री की जिम्मेदारी है. इसके साथ ही याचिकाकर्ता की पति रायपुर में असिस्टेन्ट इंजीनियर के पद पर पदस्थ है. छह माह की गर्भावस्था में याचिकाकर्ता का रायपुर से महासमुंद शिफ्ट होना और अपनी सेवाएं देना अत्यंत दुर्लभ है. ऐसी स्थिति में याचिकाकर्ता एवं उसके गर्भस्थ शिशु के जीवन को खतरा उत्पन्न हो सकता है.

हाई कोर्ट ने सुनवाई के पश्चात् याचिका को स्वीकार कर याचिकाकर्ता को सक्षम अधिकारी के समक्ष आवेदन पेश करने का आदेश किया. इसके साथ ही याचिकाकर्ता के स्थानांतरण पर स्थगन देते हुए याचिकाकर्ता को रायपुर जिला में तहसीलदार के पद पर अपनी सेवाएं देने के लिए आदेशित किया गया.