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March 9, 2026

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स्वास्थ्य सचिव के अल्टीमेटम का भी नही हुआ असर, हड़ताल पर डटे एनएचएम कर्मचारी

रायपुर। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य सचिव के अल्टीमेटम के बाद भी राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा कर्मचारियों हड़ताल पर डटे हुए है। 16 सितंबर की शाम 5 बजें तक काम पर नही लौटने के बाद अब कलेक्टर के निर्देश पर हड़ताली कर्मचारियों को बर्खास्तगी का नोटिस जारी किया जाने लगा है। कोरबा में 21 कर्मचारियों को सेवा समाप्ति की नोटिस जारी की है। वहीं दूसरी तरफ हड़ताली कर्मचारी अपनी 10 सूत्रीय मांगो के साथ ही पूर्व में बर्खास्त हुए 25 कर्मचारियों की बहाली की मांग को लेकर अड़े हुए है।

छत्तीसगढ़ में एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल से स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गया है। इस हड़ताल का व्यापक असर ग्रामीण क्षेत्र पर देखा जा रहा है, जहां के संचालित अधिकांश स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों का उपचार पूरी तरह से ठप्प हो गया है। उधर 18 अगस्त से जारी इस बेमियादी हड़ताल को लेकर 15 सितंबर को स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया ने अल्टीमेटम जारी किया था। पत्र में उन्होने स्पष्ट किया था कि यदि 16 सितंबर को कार्यालयीन समय में हड़ताली कर्मचारी वापस नही आते है, तो उन्होने एक माह का नोटिस जारी कर तत्काल सेवा समाप्ति की कार्रवाई की जाये।

इसके साथ ही विभाग में रिक्त पदों पर नई भर्ती की प्रक्रिया शुरू करने का भी उल्लेख किया था। स्वास्थ्य सचिव के इस पत्र के जारी होने के बाद शासन-प्रशासन को जहां हड़ताल खत्म होने की उम्मींद थी। वहीं इस पत्र ने हड़ताली संविदा कर्मियों का गुस्सा और भड़का दिया है। एनएचएम के प्रदेश संगठन ने साफ किया है कि सरकार हड़ताली कर्मचारियों की मांगो को लेकर गंभीर नही है। वहीं पूर्व में 25 साथियों की बर्खास्तगी भी समाप्त नही किया गया। इसके बाद अब अन्य हड़तालियों पर सेवा समाप्ति का भय बनाया जा रहा है। पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इन सारे दबावों से वे पीछे नही हटेंगे।

वहीं स्वास्थ्य सचिव के पत्र जारी होने के बाद अब अलग-अलग जिलों में हड़ताली कर्मचारियों को सेवा समाप्ति की नोटिस जारी किया जाने लगा है। सचिव के पत्र के बाद भी जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग एक साथ सभी हड़ताली कर्मचारियों को नोटिस जारी करने के बजाये किश्तों में नोटिस जारी कर रहा है, ताकि उन पर दबाव बनाया जा सके। कोरबा जिले में सीएमएचओं ने 21 हड़ताली कर्मचारियों को सेवा समाप्ति से पूर्व नोटिस जारी किया है। वहीं बताया जा रहा है कि इस नोटिस के बाद कोरबा में हड़ताल में शामिल 9 कर्मचारी काम पर वापस लौट आये है। ऐसे में अब ये देखने वाली बात होगी कि सरकार हड़ताली कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए उनकी सेवा समाप्ति पर मुहर लगाती है, या फिर उनकी जायज मांगो को मान लिया जाता है, ये तो आने वाला वक्त ही बतायेगा।