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March 9, 2026

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खस्ताहाल सड़कों पर HC की सख्ती : पूछा – “आप नहीं तो क्या हम बनायेंगे सड़क?”, अगली सुनवाई अब 23 सितंबर को …

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की खस्ताहाल सड़कों को लेकर प्रदेशवासियों की नाराज़गी अब अदालत तक पहुंच चुकी है। हाईकोर्ट ने इस गंभीर मामले पर स्वतः संज्ञान लेते हुए शासन और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को कठघरे में खड़ा किया है। शुक्रवार को मुख्य न्यायाधीश (CJ) की डिवीजन बेंच में मामले की सुनवाई हुई, जहां अदालत ने प्रदेशभर की टूटी-फूटी सड़कों पर बेहद सख्त टिप्पणी की।

हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान तल्ख अंदाज में पूछा – “क्या सड़क बनाने का जिम्मा अदालत को ही उठाना पड़ेगा? अगर आप नहीं तो क्या हम बनायेंगे सड़क?” कोर्ट ने सरकार और एनएचएआई की ओर से लगातार हो रही लापरवाही पर सवाल खड़े किए और कहा कि केवल औपचारिक मरम्मत (पेचिंग) से समस्या का समाधान नहीं होगा। “क्या आपको लगता है कि सिर्फ पेचिंग करने से सड़कें दुरुस्त हो जाएंगी और दोबारा दरारें नहीं पड़ेंगी?” – कोर्ट ने तीखे स्वर में सवाल दागे।

मामला विशेष रूप से एनएच-90 (National Highway 90) की खस्ताहाल स्थिति से जुड़ा है। इस मार्ग पर जगह-जगह दरारें और गड्ढे बने हुए हैं, जिससे लोगों की जान को खतरा बना हुआ है। इस पर जवाब देते हुए शासन की ओर से कहा गया कि सड़कों की स्थिति सुधारने के लिए स्टडी की जा रही है। इस पर अदालत ने चुटकी लेते हुए कहा – “क्या स्टडी पूरी करने में दो-तीन जन्म लगेंगे? यह मॉडर्न इंडिया है, लेकिन अभी भी कॉपी-किताब और पेन से ही काम चल रहा है।”

एनएचएआई ने कोर्ट को जानकारी दी कि रतनपुर से सेंदरी तक का काम पूरा हो चुका है, वहीं रायपुर रोड का लगभग 70% काम संपन्न हो गया है। बाकी काम अगले 10 से 15 दिनों में पूरा होने का दावा किया गया। हालांकि, कोर्ट ने इस दावे पर संतोष नहीं जताया और कहा कि केवल बयानबाज़ी से सड़कें नहीं सुधरेंगी।

शासन की ओर से अतिरिक्त समय मांगा गया ताकि विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जा सके। इस पर हाईकोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए कि दो सप्ताह के भीतर फोटो सहित पूरी रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। अदालत ने कहा कि अब केवल कागज़ी कार्रवाई स्वीकार नहीं की जाएगी, ज़मीनी हकीकत दिखाने वाले सबूत पेश करना होंगे।

इस मामले की अगली सुनवाई अब 23 सितंबर को होगी। तब तक शासन और एनएचएआई को ठोस और पारदर्शी रिपोर्ट कोर्ट के समक्ष रखनी होगी।

हाईकोर्ट की इस सख्ती से उम्मीद की जा रही है कि प्रदेश की टूटी-फूटी सड़कों की सुध ली जाएगी और लोगों को जल्द ही सुरक्षित व बेहतर सड़क सुविधा मिल सकेगी।