Special Story

महापुरुषों के जीवन और विचारों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ेगी नई पीढ़ी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

महापुरुषों के जीवन और विचारों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ेगी नई पीढ़ी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के…

दुर्ग में 5 एकड़ में अवैध अफीम की खेती का खुलासा, पौधे उखाड़ने की कार्रवाई शुरू

दुर्ग में 5 एकड़ में अवैध अफीम की खेती का खुलासा, पौधे उखाड़ने की कार्रवाई शुरू

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के समोदा में अवैध रूप से…

गैस सिलेंडर के दाम बढ़े, कांग्रेस ने किया विरोध प्रदर्शन, पीएम की फूंका पुतला

गैस सिलेंडर के दाम बढ़े, कांग्रेस ने किया विरोध प्रदर्शन, पीएम की फूंका पुतला

Shiv Mar 9, 2026 1 min read

राजनांदगांव। देश भर में 7 मार्च से घरेलू में 60 रुपए…

March 9, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

शिक्षा गुणवत्ता अभियान को लेकर गाइडलाइन जारी, जानिये कब से कब तक होगा सोशल ऑडिट, पढ़िये पूरा दिशा निर्देश

रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान के अंतर्गत प्रदेश भर के शासकीय प्राथमिक, माध्यमिक, हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों में सामाजिक अंकेक्षण कराने के निर्देश जारी किए हैं। यह अंकेक्षण 6 से 8 अक्टूबर 2025 के बीच किसी भी उपयुक्त तिथि को किया जाएगा।

इस संबंध में राज्य परियोजना कार्यालय, समग्र शिक्षा छत्तीसगढ़ की ओर से सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, प्राचार्यों और जिला मिशन समन्वयकों को निर्देश दिए गए हैं।

जारी निर्देश में कहा गया है कि राज्य के सभी शासकीय स्कूलों में निकट के स्कूल से चयनित टीम लीडर के माध्यम से एक टीम बनाकर समुदाय के सामने स्कूलों में बेहतर शिक्षा के लिए सामाजिक अंकेक्षण आयोजित किया जाए। प्रत्येक स्तर के लिए 20-20 प्रश्नों की प्रश्नावली सभी जिलों के माध्यम से स्कूलों तक उपलब्ध करवाई जा चुकी है। सामाजिक अंकेक्षण टीम का प्रशिक्षण शाला संकुल प्राचार्य के माध्यम से पहले ही आयोजित किया जा चुका है। इसके अलावा, प्रत्येक स्तर के टूल और अंकेक्षण प्रक्रिया को समझने के लिए वीडियो गाइड भी सभी जिलों को उपलब्ध करवा दी गई है, जिसे अच्छी तरह से समझ कर ही सामाजिक अंकेक्षण का आयोजन करना होगा।

निर्देश में यह भी कहा गया है कि सामाजिक अंकेषण के दौरान दिए गए बिंदुओं का पालन सभी स्कूलों में सुनिश्चित किया जाए, ताकि इस पूरी प्रक्रिया के बेहतर परिणाम आ सके।