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तहसीलदार और नायब तहसीलदारों का हुआ तबादला, देखें लिस्ट…

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Shiv Mar 9, 2026 2 min read

बिलासपुर। जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के उद्देश्य से…

निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुनी गईं लक्ष्मी वर्मा और फूलोदेवी नेताम, विधानसभा पहुंचकर लिया प्रमाण पत्र, समर्थकों ने दी बधाई

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Shiv Mar 9, 2026 2 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ से भाजपा प्रत्याशी लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस प्रत्याशी फूलोदेवी…

अस्पताल परिसर में लगी भीषण आग, आधा दर्जन कंडम एंबुलेंस समेत अन्य वाहन जलकर खाक

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Shiv Mar 9, 2026 1 min read

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा स्थित जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में…

बिलासपुर में अवैध हुक्का बार पर पुलिस की दबिश, होटल मैनेजर गिरफ्तार

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Shiv Mar 9, 2026 2 min read

बिलासपुर। जिले में अवैध रूप से संचालित हुक्का बार पर…

March 9, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

लेट से दफ्तर आने वाले सरकारी कर्मचारी हो जाएं सावधान, अटेंडेस को लेकर नया फरमान जारी

रायपुर। छत्तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारियों के कार्यालय में उपस्थिति को लेकर राज्य सरकार की ओर से नया फरमान जारी किया गया है. नए फरमान के मुताबिक अब प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को सुबह 10 से शाम साढ़े 5 बजे तक कार्यालय में उपस्थित रहना अनिवार्य है.

आदेश में कहा गया है कि शासन आदेशों के प्रभावी क्रियान्वयन एवं लोकहित में कार्यालयीन कार्यों के सुव्यवस्थित संचालन के लिए सभी शासकीय/अशासकीय (नियमित, संविदा एवं दैनिक वेतनभोगी) अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए आधार-आधारित उपस्थिति प्रणाली को 15 जून 2025 से अनिवार्य रूप से लागू किया जा रहा है. इसके अंतर्गत सभी कर्मचारियों को प्रतिदिन निर्धारित समय पर अपने मोबाइल फोन के माध्यम से आधार प्रमाणीकरण द्वारा उपस्थिति एवं प्रस्थान दर्ज करना अनिवार्य होगा. सभी कार्यालय प्रमुख यह सुनिश्चित करें कि आपके अधीनस्थ संस्थानों में एनआईसी (NIC) के तकनीकी सहयोग से आधार आधारित उपस्थिति प्रणाली को समय पर स्थापित कर लिया जाए। इसके लिए एनआईसी से आवश्यक समन्वय कर तकनीकी आवश्यकताओं की पूर्ति सुनिश्चित करें।

इस व्यवस्था की नियमित समीक्षा की जाएगी. यदि कोई अधिकारी/कर्मचारी निर्धारित समय सीमा में उपस्थिति दर्ज कराने में विफल पाया जाता है तो संपूर्ण जिम्मेदारी उक्त अधिकारी/कर्मचारी के साथ संबंधित संस्था प्रमुख की होगी. यह व्यवस्था न केवल शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, बल्कि यह यह भी सुनिश्चित करती है कि सभी अधिकारी/कर्मचारी अपने कार्यस्थल में समय पर उपस्थित होकर उत्तरदायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं.